दिल्‍ली: कूड़ा स्थल पर लगी आग नहीं बुझी, वायु गुणवत्ता बद से बदतर

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राष्ट्रीय राजधानी में भलस्वा लैंडफिल साइट पर रविवार को लगी आग तीसरे दिन मंगलवार को भी नहीं बुझी। इस बीच, दिल्ली की वायु गुणवत्ता बद से बदतर होती जा रही है। अग्निशमन विभाग ने कहा कि अग्निशमन दल की चार गाड़ियां पहले ही आग पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर रही हैं।
इसके अतिरिक्त दो अन्य गाड़ियों को भी घटनास्थल पर भेजा गया है। निगम के अभियंताओं ने कहा कि आग से प्रभावित क्षेत्र को ढक कर आग बुझाने के लिए उन्होंने और मलबे का इस्तेमाल किया है।
दिल्ली के दूसरे सबसे बड़े कूड़ा स्थल पर गैसीय धुंए के कारण आग लगी। लगभग 50 एकड़ में फैला और 40 मीटर ऊंचा कूड़े का पहाड़ दिल्ली के सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले स्थानों में गिने जाने वाले क्षेत्र के बीच में स्थित है।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) के पर्यावरण संरक्षण सेवा विभाग (डीईएमएस) के अभियंता संजय जैन ने कहा, “अक्सर आग कूड़े की परतों में बनने वाली मीथेन गैस से लगती है।
इसी बीच कूड़े के ढेर से उठने वाले हानिकारक रसायनों के वाष्प और गैसों ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। नजदीक में बुराड़ी क्रॉसिंग क्षेत्र पर स्थित वायु निगरानी स्टेशन पर वायु गुणवत्ता खतरे से ऊपर या आपातकाल स्तर पर बताई गई।
बुराड़ी क्रॉसिंग पर प्रमुख प्रदूषक पीएम 2.5 मंगलवार अपरान्ह तीन बजे 333 यूनिट था जिसका राष्ट्रीय मानक 60 यूनिट और अंतर्राष्ट्रीय मानक 25 यूनिट है।
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भलस्वा कूड़ा पड़ाव स्थल पर प्रतिदिन लगभग 2,000 टन कूड़ा डाला जाता है। 2016 के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अनुसार, कूड़ा पड़ाव स्थल को 20 मीटर से ऊंचा नहीं होना चाहिए और
20-25 सालों से पुराना नहीं होना चाहिए तथा इसके तल में मिट्टी की परत होनी चाहिए जिससे जमीन और तल के पानी को बचाया जा सके।

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