डीटीसी कर्मचारियों की मांगों को मिला शिवसेना का साथ, शाह ऑडिटोरियम में हुआ ‘शक्ति प्रदर्शन’

नई दिल्ली: दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई को अब शिवसेना (शिंदे गुट) का बड़ा समर्थन मिला है। कश्मीरी गेट स्थित शाह ऑडिटोरियम में ‘डीटीसी कर्मचारी एकता यूनियन’ और शिवसेना द्वारा आयोजित एक भव्य ‘शक्ति प्रदर्शन’ कार्यक्रम में कर्मचारियों की लंबित मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे शिवसेना के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. अभिषेक वर्मा ने कर्मचारियों के हितों की रक्षा का संकल्प लेते हुए पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा भी की।

अपने संबोधन में डॉ. अभिषेक वर्मा ने कहा कि वह जल्द ही दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल से मिलकर कर्मचारियों की सभी मांगों को प्रमुखता से उठाएंगे। उन्होंने अपने छात्र जीवन की यादें साझा करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं डीटीसी की ‘यू-स्पेशल’ बसों में यात्रा की है, इसलिए वह कर्मचारियों के संघर्ष और समस्याओं को भली-भांति समझते हैं। डॉ. वर्मा ने भरोसा दिलाया कि आगामी दिल्ली चुनावों से पहले कर्मचारियों को स्थायी नौकरी, सुरक्षित भविष्य और सम्मानजनक जीवन दिलाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उनके द्वारा दी गई पांच लाख रुपये की अनुदान राशि का उपयोग कर्मचारियों के लिए सुलभ शौचालय और पीने योग्य स्वच्छ पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान एक अत्यंत भावुक क्षण तब आया जब एक छात्रा ने मंच पर आकर अपने पिता की व्यथा साझा की। उसने बताया कि डीटीसी में नौकरी खोने के बाद उसके पिता आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, जिससे उसके आईएएस बनने का सपना भी दांव पर लग गया है। इस मार्मिक अपील ने वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखों में आंसू ला दिए। शिवसेना के दिल्ली प्रमुख संदीप चौधरी और उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक सक्सेना ने भी कर्मचारियों के शोषण और अस्थिर रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरा।

यूनियन के अध्यक्ष ललित चौधरी ने स्पष्ट किया कि अब यह आंदोलन महाराष्ट्र की तर्ज पर मजबूती से लड़ा जाएगा। उन्होंने मांग की कि डीटीसी कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह निश्चित वेतन, अवकाश और सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए। उपाध्यक्ष मनोज शर्मा ने एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, यह संघर्ष जारी रहेगा। गौरतलब है कि पहले यह कार्यक्रम डीटीसी मुख्यालय पर धरने के रूप में प्रस्तावित था, लेकिन दिल्ली पुलिस द्वारा अनुमति रद्द किए जाने के बाद इसे शाह ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया।

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