अशोक विहार थाना पुलिस ने हत्या की साजिश को किया नाकाम: निर्वासित अपराधी पिस्टल और 16 कारतूस के साथ गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले की अशोक विहार थाना पुलिस के अंतर्गत डब्ल्यूपीआईए चौकी की टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए इलाके में प्रतिशोध की भावना से हत्या करने आए एक निर्वासित और कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस की गिरफ्त में आए इस आरोपी की पहचान अजीत उर्फ शिवम (25 वर्ष) के रूप में हुई है, जो डब्ल्यूपीआईए क्षेत्र का ही रहने वाला है। पुलिस टीम ने आरोपी के कब्जे से एक आधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 16 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी अजीत अशोक विहार थाने का घोषित बदमाश है और उस पर लूट, झपटमारी, चोरी और आर्म्स एक्ट के कुल 39 आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस की इस तत्परता से एक संभावित जघन्य हत्याकांड को समय रहते रोक दिया गया है।

उत्तर-पश्चिम जिले के एडीसीपी सिकंदर सिंह ने मामले का विवरण देते हुए बताया कि 6 मई को पुलिस को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि एक निर्वासित अपराधी भारी मात्रा में अवैध हथियारों के साथ डब्ल्यूपीआईए क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसीपी अशोक विहार आकाश रावत और एसएचओ अशोक विहार प्रमोद कुमार के पर्यवेक्षण में डब्ल्यूपीआईए चौकी प्रभारी एसआई रोहित चाहर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में हेड कांस्टेबल पवन, राहुल, सूरज और अश्वनी को शामिल किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर घेराबंदी की और मुखबिर के इशारे पर आरोपी अजीत उर्फ शिवम को धर दबोचा।

पूछताछ के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी अजीत एक युवक की हत्या करने की नीयत से वहां आया था। दरअसल, वर्ष 2025 में दर्ज हत्या के प्रयास के एक मामले में उक्त युवक ने अग्रिम जमानत प्राप्त की थी। उस मामले में आरोपी अजीत की बहन पर हमला किया गया था, जिसका बदला लेने के लिए उसने हत्या की पूरी साजिश रची थी। आरोपी ने कबूल किया कि वह बदले की भावना से वारदात करने वाला था, लेकिन पुलिस की समय रहते की गई कार्रवाई ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया। इस संबंध में अशोक विहार थाने में आर्म्स एक्ट की धारा 25/54/59 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

आरोपी के पारिवारिक पृष्ठभूमि की जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी का पूरा परिवार ही अपराध की दुनिया में लिप्त है। आरोपी के पिता, माता और उसके दो मामा भी पुलिस रिकॉर्ड में क्षेत्र के सूचीबद्ध बदमाश पाए गए हैं। अजीत खुद एक आदतन अपराधी है और लंबे समय से पुलिस की रडार पर था। वह वर्तमान में निर्वासित होने के बावजूद गुपचुप तरीके से इलाके में घुसकर वारदात करने की कोशिश कर रहा था।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पिस्टल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद कर उसे जेल भेज दिया है। एडीसीपी ने बताया कि इस गिरफ्तारी से न केवल एक व्यक्ति की जान बचाई गई है, बल्कि क्षेत्र में शांति और जनसुरक्षा सुनिश्चित की गई है। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी को इतनी आधुनिक पिस्टल और कारतूस किस माध्यम से प्राप्त हुए थे। पुलिस अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले मुख्य सरगना की तलाश में जुटी है और मामले की आगे की जांच जारी है।

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