महेंद्र पार्क थाना क्षेत्र से अवैध रूप से रह रही बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार, निर्वासन की प्रक्रिया शुरू

नई दिल्ली: दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले की फॉरेनर सेल ने महेंद्र पार्क थाना क्षेत्र में एक विशेष अभियान चलाकर अवैध रूप से रह रही एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार महिला की पहचान रक्सोना अख्तर उर्फ रुक्साना (37 वर्ष), निवासी जिला चुआडांगा, बांग्लादेश के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने महिला के कब्जे से दो स्मार्ट फोन बरामद किए हैं, जिनमें प्रतिबंधित इमो एप्लिकेशन इंस्टॉल है, साथ ही उसके फोन की गैलरी से बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान पत्र के दस्तावेज भी मिले हैं। जांच में पुष्टि हुई है कि महिला बिना किसी वैध यात्रा दस्तावेज या पहचान पत्र के भारत में अवैध रूप से निवास कर रही थी और एक संदिग्ध रैकेट का हिस्सा थी।

उत्तर-पश्चिम जिले के एडीसीपी सिकंदर सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि जिले की विदेशी सेल अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और घुसपैठ पर लगातार नजर रख रही है। इसी क्रम में टीम पिछले कुछ दिनों से व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी कर रही थी। इस निगरानी के दौरान सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध बांग्लादेशी महिलाएं आजादपुर की नई सब्जी मंडी के पास मानव तस्करी और देह व्यापार जैसे अवैध कार्यों में संलिप्त हैं। इस सूचना को पुख्ता करने के लिए विदेशी सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर विपिन कुमार और एसीपी आकाश रावत के पर्यवेक्षण में एसआई श्यामबीर, हेड कांस्टेबल विक्रम, कपिल, दीपक, पूनम और कांस्टेबल निशांत की एक विशेष टीम गठित की गई।

ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए पुलिस टीम ने 5 मई की तड़के नई सब्जी मंडी आजादपुर के पास जाल बिछाया। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिसकर्मियों ने अंडरकवर ऑफिसर बनकर एक स्टिंग ऑपरेशन किया। टीम के पुरुष सदस्यों ने संदिग्धों के पास जाकर उन्हें अवैध गतिविधियों का प्रस्ताव दिया। जैसे ही संदिग्ध महिला ने इस पर सहमति जताई, पुलिस टीम ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया। शुरुआती पूछताछ में महिला ने खुद को भारतीय नागरिक होने का दावा किया, लेकिन उसके विरोधाभासी बयानों और संदिग्ध व्यवहार ने पुलिस का शक गहरा कर दिया।

इसके बाद पुलिस ने गहनता से जांच की, जिसमें उसके डिजिटल फुटप्रिंट्स और दस्तावेजों का विश्लेषण किया गया। जांच में यह स्पष्ट रूप से स्थापित हो गया कि वह एक बांग्लादेशी नागरिक है और अवैध तरीके से दिल्ली में रह रही थी। उसके पास से बरामद मोबाइल फोन में प्रतिबंधित संचार ऐप और उसके बांग्लादेशी पहचान पत्र की तस्वीरें मिलीं। पूछताछ के दौरान महिला ने स्वीकार किया कि वह एक संगठित रैकेट का हिस्सा है और अवैध गतिविधियों में संलिप्त थी।

पुलिस ने इस संबंध में कानून के प्रावधानों के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पकड़ी गई बांग्लादेशी महिला को विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय के समक्ष पेश किया गया है। निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार उसे वापस उसके देश भेजने की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य लोगों और इस रैकेट के नेटवर्क की पहचान करने में जुटी है। मामले की आगे की जांच जारी है।

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