गोरखपुर: लेडी डॉन अंशिका सिंह का बॉयफ्रेंड बंटी भी गिरफ्तार, बर्थडे के दिन चलाई थी गोली, मचा था बवाल

राष्ट्रीय जजमेंट

प्रदेश के गोरखपुर में लेडी डॉन के नाम से कुख्यात अंशिका सिंह गैंग के खिलाफ पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है. कैंट पुलिस ने सोमवार को अंशिका के बॉयफ्रेंड और लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी आकाश उर्फ बंटी वर्मा को नंदानगर रेलवे लाइन के पास से धर दबोचा.
बंटी उस गोलीकांड में शामिल था, जिसने पूरे शहर में सनसनी फैला दी थी. घटना की शुरुआत 20 जनवरी को हुई थी, जो इत्तेफाक से अंशिका सिंह का जन्मदिन भी था.

अंशिका अपने साथियों बंटी और अर्जुन वर्मा के साथ सिंघड़िया स्थित एक मॉडल शॉप के सामने बर्थडे मना रही थी. इसी दौरान उसने अस्पताल मैनेजर विशाल मिश्रा से रंगदारी मांगी. जब विशाल ने पैसे देने से इनकार किया, तो अंशिका ने सरेराह पिस्तौल निकाल कर उन पर गोली चला दी.

निशाना चूक गया और गोली विशाल के ड्राइवर अमिताभ निषाद के पेट में जा लगी. घायल ड्राइवर को अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि मौके पर मौजूद लोगों की बहादुरी से अंशिका को पिस्तौल के साथ पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया.

जेल में लेडी डॉन का अलग अंदाज

लगभग डेढ़ महीने से गोरखपुर जिला जेल में बंद अंशिका सिंह की चर्चा अब जेल के भीतर भी खूब हो रही है. सूत्रों की मानें तो जेल की ऊंची दीवारें और गंभीर धाराएं भी अंशिका के हौसले पस्त नहीं कर पाई हैं. वह जेल में काफी चिल रहती है और अन्य महिला बंदियों का मनोरंजन करती है. खुद को स्लिम-ट्रिम रखने के लिए वह जेल में योगा करती है और भोजपुरी गानों पर डांस भी करती है. इतना ही नहीं, वह जेल में बंद अन्य महिलाओं को भी अपने साथ डांस करने के लिए प्रेरित करती है.

15 पुलिसकर्मी और क्षेत्राधिकारी भी हुए शिकार

अंशिका की क्राइम कुंडली बेहद लंबी है. वह मूल रूप से हरपुर बुदहट की रहने वाली है, लेकिन सिंघड़िया में कमरा लेकर अकेले रहती थी. महंगे शौक पूरा करने के लिए उसने ब्लैकमेलिंग का रास्ता चुना। वह लोगों को वीडियो कॉल के जरिए जाल में फंसाती थी और फिर उनसे मोटी रकम वसूलती थी. बताया जा रहा है कि उसके जाल में अयोध्या के एक क्षेत्राधिकारी (CO) और 15 पुलिसकर्मियों समेत लगभग 150 लोग फंस चुके हैं.

अपनों ने मोड़ा मुंह, अब गैंगस्टर एक्ट की मार

अंशिका के पिता की मौत पहले ही हो चुकी है, और इस काली करतूत के सामने आने के बाद रिश्तेदारों ने भी उससे नाता तोड़ लिया है. जेल में उससे मिलने सिर्फ उसकी बुआ आती हैं. खोराबार पुलिस ने अंशिका और उसके गैंग पर गैंगस्टर एक्ट भी लगा दिया है, जिससे अब उसे जमानत मिलना बेहद मुश्किल हो गया है. बंटी की गिरफ्तारी के बाद अब इस गैंग के सभी मुख्य सदस्य सलाखों के पीछे हैं.

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