हाई कोर्ट ने दवाइयों की ऑनलाइन बिक्री पर लगाई रोक

0 302
मद्रास उच्च न्यायालय ने बुधवार को दवाइयों की आॅनलाइन बिक्री को 9 नवंबर तक रोकने के अंतरिम आदेश को मंजूरी दे दी । न्यायमूर्ति आर महादेवन ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।
चेन्नई स्थित तमिलनाडु केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की ओर से यह याचिका दाखिल की गयी थी । इस याचिका में यह मांग की गयी थी कि अदालत अधिकारियों को उन लिंक्स को प्रतिबंधित करने को कहे जिसके तहत आनलाइन दवाइयों की बिक्री होती है।
अदालत ने केंद्र को इस मामले में जवाब देने को कहा और मामले की अगली सुनवाई के लिए नौ नवंबर की तारीख तय की। संगठन की दलील थी कि
आनलाइन दवाइयों की खरीद उपभोक्ताओं के लिए सुविधाजनक हो सकती है लेकिन बिना लाइसेंस के आनलाइन स्टोर से दवाइयों की खरीद जोखिम भरा हो सकती है क्योंकि वे फर्जी, निर्धारित अविध पार कर चुकी, दूषित और अस्वीकृत दवाइयां बेच सकते हैं।
इसके अलावा, भारत में फार्मेसी कानून औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम, 1940, औषधि एंड प्रसाधन सामग्री नियम, 1945 और फार्मेसी अधिनियम, 1948 से परिभाषित होती हैं ।
एसोसिएशन ने कहा कि ये कानून कंप्यूटर के आगमन से पहले लिखे गए थे और देश में दवाइयों की आॅनलाइन बिक्री को परिभाषित करने के लिए कोई ठोस कानून नहीं है ।
बता दें कि, देश भर के केमिस्ट और दवा विक्रेता ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री के विरोध में हैं। साथ ही इसे बंद करने की मांग कर रहे हैं।वहीं इस बारे में कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया ने कहा था कि
दवाइयों की बिक्री में तेजी लाने के लिए ऑनलाइन बढ़िया ऑप्शन है। सीसीआइ का कहना है कि ज्यादा मुनाफा होने के कारण मरीजों को दवाइयां महंगी मिल रही हैं। ऑनलाइन दवाएं सस्ती पड़ेंगी।
यह भी पढ़ें: खिलाड़ियों को न खिलाएं बीफ,क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को बीसीसीआई ने लिखी चिट्ठी

Leave A Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More