दो साल के मासूम बच्चे ने कैंसर को हराया, 104 साल में अब तक इस घातक बीमारी के कुल 500 केस ही दिखे

129
आगरा के दो साल के मासूम बच्चे का गाजियाबाद के यशोदा हॉस्पिटल में कैंसर का सफल ऑपरेशन हुआ है। उसे Melatonic Neuro-cctodermal rumour of infancy नामक बीमारी थी, जो विश्व की दुर्लभ बीमारियों में से एक है। डॉक्टरों का दावा है कि पिछले 104 साल में इस दुर्लभ बीमारी के विश्व में कुल 500 केस ही अब तक सामने आए हैं। इस बीमारी में कैंसर बहुत तेजी से शरीर में फैलता है। यदि इलाज में थोड़ी भी देरी हो जाए तो इस बीमारी को ऑपरेशन से भी ठीक नहीं किया जा सकता।
जबड़े में था ट्यूमर, बायोप्सी जांच में पता चला कैंसर
आगरा निवासी इस बच्चे के पिता यूपी पुलिस में कार्यरत हैं। 11 अप्रैल को वह बच्चे के जबड़े का ट्यूमर लेकर यशोदा हॉस्पिटल गाजियाबाद में आए थे। यहां सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉक्टर एके त्यागी ने बच्चे की वायोप्सी कराई। इसमें उसको कैंसर की दुर्लभ बीमारी होने की जानकारी सामने आई। रिपोर्ट आते ही तुरंत एक ट्यूमर बोर्ड का गठन किया गया।
इसमें डॉक्टर एके त्यागी, डॉ. N चक्रवर्ती, डॉ. बीएन कपूर, डॉ. परवाज आलम, डॉ. अजय मालिक, डॉ. नवदीप सेठी व डॉ. सचिन दुबे शामिल किए गए। इस बोर्ड ने यह फैसला लिया कि बच्चे के जबड़े का वो हिस्सा जो कैंसर से प्रभावित है, उसे आपरेशन से निकाला जाएगा।
पांच घंटे चली सर्जरी, पसली से लगाया जबड़े का नया टुकड़ा
इस सर्जरी के बाद दूसरा बड़ा चैलेंज बच्चे के निकाले हुए जबड़े का फिर से निर्माण करना था, ताकि वह सामान्य जिंदगी फिर से जी सके। डॉक्टर परचाल आलम ने Autologous Costocondrial Reconstruction यानि पसली से नए जबड़े का निर्माण किया। डॉक्टर नवदीप सेठी ने बेहद कम उम्र के बच्चे को बेहद सावधानी से एनेस्थेसिया दिया। करीब पांच घंटे तक यह जटिल सर्जरी चली।
ऑपरेशन के बाद पोस्ट ऑपरेटिव केयर के लिए बच्चे को PICU में पांच दिन रखा गया। पांचवें दिन बच्चा दूध पीने की स्थिति में आ गया। अब बच्चा पूरी तरह ठीक है। यशोदा अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. रजत अरोरा ने पूरी टीम को इस जटिल कैंसर सर्जरी की सफलता पर बधाई दी।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More