शिवपाल अपनी पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में दिखाएंगे अपनी ताकत

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समाजवादी पार्टी से अलग अपना राजनीतिक तानाबाना बुन रहे शिवपाल यादव सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को साथ लेकर समाजवादी सेक्युलर मोर्चा और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी को आगे बढ़ा रहे हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के लिए भी पार्टी में सब कुछ उनके पिता मुलायम सिंह ही है। ऐसे में मुलायम सिंह बेटे अखिलेश यादव का या फिर भाई शिवपाल के साथ है, लोगों की समझ से परे हैं। इसी संशय के बीच अपने संगठन को विस्तार देने में जुटे प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव दिसंबर में अपनी ताकत दिखाएंगे।
शिवपाल के दावे
  • चालीस सेक्युलर संगठनों का साथ होने का दावा
  • मुलायम सिंह यादव का संरक्षण होने का दावा
  • हर स्तर पर भाजपा का विरोध करने का दावा
  • समान विचारधारा वाले दलों से मिलकर चुनाव
नौ दिसंबर को लखनऊ में राष्ट्रीय सम्मेलन
नौ दिसंबर को उनकी पार्टी राजधानी में राष्ट्रीय सम्मेलन करने जा रही है। इसमें औपचारिक रूप से अध्यक्ष का चुनाव भी किया जाएगा। अपने आवास पर पत्रकारों से  शिवपाल ने कहा कि उन्होंने सभी जिलों में अध्यक्ष घोषित कर दिए हैं। राष्ट्रीय सम्मेलन से पहले जिला और मंडल अध्यक्षों का सम्मेलन भी किया जाएगा।
कहा कि उनकी पार्टी हर स्तर पर भाजपा का विरोध करेगी। यह पूछे जाने पर कि अखिलेश ने कहा कि वह कोई ऐसा कदम नहीं उठना चाहते (पार्टी से निष्कासन) जिससे अन्याय होने का संदेश जाए,
शिवपाल ने कहा कि आपको लगता है कि कोई मेरे साथ अन्याय कर सकता है। उन्होंने कहा कि उनके साथ चालीस दलों के लोग हैं और समान विचारधारा वाले सभी दलों के साथ मिलकर वह चुनाव लड़ेंगे।
शिवपाल  ने भतीजे अखिलेश यादव से अपने रास्ते अलग कर लिए हैं और नई पार्टी समाजवादी सेक्युलर मोर्चा का गठन कर लिया है। लेकिन इन सब के बीच जो सवाल प्रमुखता से खड़ा होता है वह आखिर मुलायम सिंह यादव खुद को किसके पाले में खड़ा रखना चाहते हैं।
एक तरफ अखिलेश के साथ दिखाई देते हैं तो दूसरे ही पल भाई शिवपाल के साथ। ऐसे में संशय की स्थिति पैदा होती हैं। शिवपाल यादव ने जब अपनी पार्टी का गठन किया था तो उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि पार्टी का गठन बड़े भाई मुलायम सिंह यादव के साथ सलाह-मशविरा करके किया है।
शिवपाल का दावा है कि मुलायम सिंह मैनपुरी से मोर्चा के बैनर तले चुनाव लड़ेंगे। शिवपाल ने अपनी पार्टी के झंडे पर भी मुलायम सिंह की तस्वीर लगा रखी है।
पार्टी बनने के बाद से शिवपाल के कई कार्यक्रमों में मुलायम सिंह दिखाई भी दिए। अब तक इस बात पर संशय ही है कि इस धर्मयुद्ध में मुलायम सिंह भाई शिवपाल या फिर बेटे अखिलेश के साथ हैं।

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