कृष्णा नगर में चल रहे हाईटेक आईपीएल सट्टा रैकेट का भंडाफोड़; गुजरात टाइटंस बनाम चेन्नई सुपर किंग्स मैच पर सट्टा लगाते दो गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के शाहदरा जिले की स्पेशल स्टाफ पुलिस टीम ने ऑनलाइन जुए और अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी और पेशेवर तफ्तीश का परिचय देते हुए चल रहे आईपीएल टी-20 क्रिकेट मैच के दौरान ऑनलाइन सट्टा लगाने वाले एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान कृष्णा नगर के शंकर नगर इलाके से दो शातिर सट्टेबाजों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पीयूष शर्मा (22) निवासी शाहदरा, दिल्ली और दिलीप कुमार (22) निवासी कृष्णा नगर, दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए मौके से सट्टेबाजी में प्रयुक्त 2 आधुनिक लैपटॉप, 2 स्मार्टफोन, मोबाइल व लैपटॉप के चार्जर और एक्सटेंशन बोर्ड बरामद किए हैं। इस प्रभावी कार्रवाई से थाना कृष्णा नगर में दिल्ली पब्लिक गैंबलिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू की गई है।

शाहदरा जिले के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि जिले में सक्रिय अवैध जुआ ऑपरेटरों और साइबर-सट्टेबाजों पर नकेल कसने के लिए ऑपरेशंस सब-डिवाइजन के एसीपी मोहिंदर सिंह के करीबी पर्यवेक्षण और स्पेशल स्टाफ प्रभारी इंस्पेक्टर आशीष कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया था, जिसमें सब-इंस्पेक्टर राजकुमार, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर प्रमोद, हेड कांस्टेबल कपिल, सुनील, अनुज, नितिन, योगेश, कांस्टेबल शेखर और कैलाश शामिल थे।

21 मई को स्पेशल स्टाफ को एक पुख्ता और विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली कि कृष्णा नगर के शंकर नगर स्थित एक परिसर से गुजरात टाइटंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच चल रहे आईपीएल मैच पर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सट्टा लगाया जा रहा है। सूचना की त्वरित पुष्टि करने के बाद, आवश्यक कानूनी अनुमति और सर्च वारंट हासिल कर पुलिस टीम ने बताए गए ठिकाने पर अचानक रणनीतिक छापेमारी की। छापेमारी के दौरान कमरे के भीतर दो युवक लैपटॉप और मोबाइल फोन के जरिए लाइव मैच पर सट्टे की दरें तय करते और दांव लगवाते हुए रंगे हाथों पकड़े गए।

थाने लाकर की गई कड़ाई से पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कबूल किया कि वे कम समय में और बिना मेहनत के मोटी रकम कमाने के लिए इस अवैध धंधे में उतरे थे। उन्होंने अपने मॉडस ऑपेरंडी का खुलासा करते हुए बताया कि वे सट्टेबाजी के विशेष और हाईटेक सॉफ्टवेयर “बेटिंग असिस्टेंट आई-बुक” का इस्तेमाल कर रहे थे। इस डिजिटल एप्लिकेशन के जरिए वे एक साथ कई सटोरियों और बुकीज से जुड़े हुए थे। वे फोन पर आने वाले दांवों को लैपटॉप के सॉफ्टवेयर में रिकॉर्ड करते थे और उसी के आधार पर हार-जीत का वित्तीय हिसाब-किताब और सेटलमेंट तय करते थे। ऑनलाइन तकनीक के इस्तेमाल के कारण वे लंबे समय से पुलिस की नजरों से बचकर बेहद गोपनीय तरीके से इस रैकेट को चला रहे थे।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को पर्याप्त सबूतों के आधार पर औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ 22 मई को दिल्ली पब्लिक गैंबलिंग एक्ट, 1955 की धारा 3/4/5 के तहत एफआईआर दर्ज की है। शाहदरा जिला पुलिस अब पकड़े गए दोनों आरोपियों के लैपटॉप और व्हाट्सएप चैट को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट में दिल्ली और अन्य राज्यों के कौन से बड़े बुकी शामिल हैं और अब तक इसके जरिए कितने करोड़ रुपये के अवैध धन का लेन-देन किया जा चुका है।

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