दस चोरी के दुपहिया वाहनों और अवैध हथियार के साथ दो वाहन चोर गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के दक्षिण पूर्वी जिले की कालकाजी थाना पुलिस टीम ने इलाके में सक्रिय वाहन चोरों और अपराधियों के खिलाफ दो अलग-अलग महत्वपूर्ण ऑपरेशंस में बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो शातिर ऑटो लिफ्टर्स को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस, सीसीटीवी विश्लेषण और रणनीतिक नाकाबंदी के आधार पर जाल बिछाकर उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी केशव उर्फ भानू और दिल्ली के तिगड़ी निवासी 29 वर्षीय जीतू कुमार को दबोचा है। पुलिस ने पकड़े गए दोनों आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही से चोरी की 10 मोटरसाइकिलें व स्कूटी, जिसमें रॉयल एनफील्ड बुलेट, हीरो स्प्लेंडर, पैशन प्रो और होंडा एक्टिवा शामिल हैं, के साथ एक अवैध देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। इन गिरफ्तारियों से दिल्ली के कालकाजी, तिगड़ी, कालिंदी कुंज, सरिता विहार, गोविंदपुरी, अमर कॉलोनी और जैतपुर थानों में दर्ज मोटर वाहन चोरी के 10 गंभीर मामलों का सफल पटाक्षेप हुआ है।

दक्षिण पूर्वी जिले के डीसीपी हेमंत तिवारी ने दोनों मामलों की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में संगठित वाहन चोरों पर नकेल कसने के लिए विशेष रणनीतिक योजना बनाई गई है। इसी सिलसिले में पहली कामयाबी के तहत, गोविंदपुरी एक्सटेंशन निवासी मनजीत सिंह मोहाल की रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिल कालकाजी थाना क्षेत्र से चोरी होने के संबंध में 11 जनवरी को ई-एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कालकाजी के एसीपी के मार्गदर्शन और एसएचओ के करीबी पर्यवेक्षण में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में सब इंस्पेक्टर जयविंद, असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर कृष्ण, राहुल चौधरी, हेड कांस्टेबल कुलदीप, कांस्टेबल सुधीर, गौरव और मनोज शामिल थे। टीम ने आरोपियों के भागने के रूट पर करीब 350 किलोमीटर के दायरे में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया, जिससे वारदात में सपोर्ट व्हीकल के रूप में इस्तेमाल हुई एक हुंडई एक्सेंट कार की पहचान हुई। पुलिस ने पहले चरण में कार के मालिक और ड्राइवर अमित सिंह निवासी खानपुर को गिरफ्तार किया था, लेकिन उसका मुख्य साथी केशव उर्फ भानू दिल्ली से भाग निकला था। पुलिस टीम ने हार नहीं मानी और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ बेहतर समन्वय बनाकर अंततः मुख्य आरोपी केशव को यूपी के इटावा से ढूंढ निकाला और उसे गिरफ्तार कर दिल्ली ले आई। उसकी पुलिस रिमांड के दौरान निशानदेही पर बुलेट सहित चोरी के 5 दुपहिया वाहन बरामद किए गए।

दूसरी बड़ी कामयाबी कालकाजी थाना पुलिस को 25 मई को गश्त के दौरान मिली। हेड कांस्टेबल रोहित नागर और कांस्टेबल गौरव बालियान को क्षेत्र में पेट्रोलिंग के दौरान एक पुख्ता गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति अवैध हथियार के साथ चोरी की काले रंग की पैशन प्रो मोटरसाइकिल पर सवार होकर कालकाजी मंदिर से नेहरू प्लेस की तरफ जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना कोई समय गंवाए आस्था कुंज पार्क रोड के पास रणनीतिक नाका लगा दिया। शाम करीब 7 बजकर 30 मिनट पर मुखबिर के इशारे के आधार पर जब संदिग्ध बाइक सवार को रुकने का इशारा किया गया, तो उसने अपनी मोटरसाइकिल मोड़कर भागने का प्रयास किया। तेज रफ्तार के कारण वह संतुलन खो बैठा और सड़क पर गिर गया, जिसके बाद मुस्तैद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे धर दबोचा। आरोपी की पहचान जीतू कुमार के रूप में हुई और उसकी सरसरी तलाशी लेने पर उसके पास से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ, जिसके बाद कालकाजी थाने में आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने कालकाजी, सरिता विहार, गोविंदपुरी, अमर कॉलोनी और जैतपुर से चोरी की गई 4 अन्य मोटरसाइकिलें व स्कूटी भी बरामद कर लीं।

पुलिस कस्टडी में हुई कड़ी और पेशेवर पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने बड़े खुलासे किए। उन्होंने स्वीकार किया कि वे दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सक्रिय विभिन्न संगठित मोटरसाइकिल चोर गिरोहों के सक्रिय सदस्य के रूप में काम कर रहे थे। वे अपने अन्य ज्ञात और अज्ञात साथियों के साथ मिलकर सुनसान जगहों और पार्किंग से पलक झपकते ही दुपहिया वाहन उड़ा लेते थे और उन्हें ठिकाने लगा देते थे।

डीसीपी ने आगे बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी बेहद शातिर और आदतन अपराधी हैं, जिनका पुराना लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। मुख्य आरोपी केशव उर्फ भानू पहले से ही दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के विभिन्न थानों में दर्ज चोरी और वाहन चोरी के 20 से अधिक मामलों में शामिल पाया गया है। वहीं दूसरा आरोपी जीतू कुमार भी साकेत, आरके पुरम, नेब सराय, तिगड़ी और कालकाजी थानों में दर्ज चोरी व आर्म्स एक्ट के 9 गंभीर मुकदमों में पहले से संलिप्त रहा है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है ताकि इनके गिरोह से जुड़े अन्य सप्लायरों और चोरी के वाहनों को खरीदने वाले कबाड़ियों के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

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