ख्याला में चार्जिंग के दौरान इलेक्ट्रिक स्कूटी में विस्फोट, लगी भीषण आग, दम घुटने मासूम की मौत

नई दिल्ली: पश्चिमी दिल्ली के ख्याला थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले विष्णु गार्डन में बुधवार तड़के रफ्तार और तकनीक के इस दौर का एक बेहद खौफनाक और हृदयविदारक पहलू सामने आया है। यहाँ गली नंबर नौ स्थित एक तीन मंजिला मकान के ग्राउंड फ्लोर पर खड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटी में अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। बैटरी में हुए विस्फोट और घरेलू सामान में पकड़ी आग के कारण पूरी इमारत में गाढ़ा काला धुआं फैल गया। इस दर्दनाक हादसे में घर के भीतर सो रहे एक 13 वर्षीय मासूम किशोर की दम घुटने और झुलसने के कारण मौत हो गई, जबकि उसे बचाने के प्रयास में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला भी गंभीर रूप से झुलस गई हैं। दमकल और पुलिस की टीमों ने रात में ही भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

पुलिस और दिल्ली फायर सर्विस से मिली संयुक्त जानकारी के अनुसार, बुधवार तड़के करीब दो बजकर तिरालीस मिनट पर पुलिस नियंत्रण कक्ष और दमकल विभाग को एक आपातकालीन कॉल के जरिए सूचना मिली थी कि विष्णु गार्डन की गली नंबर नौ के एक घर में भीषण आग लग गई है और कुछ लोग भीतर फंसे हुए हैं। हादसे की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय ख्याला थाने का पुलिस बल और दमकल केंद्र से स्टेशन ऑफिसर बत्ती लाल के नेतृत्व में वॉटर टेंडर और वॉटर बाउंसर की गाड़ियां तुरंत मौके के लिए रवाना की गईं। आग की भयावहता को देखते हुए बाद में असिस्टेंट डिविजनल ऑफिसर आर के सिन्हा भी अतिरिक्त गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे।

शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस तीन मंजिला मकान के ग्राउंड फ्लोर पर परिवार का 13 वर्षीय बेटा जसप्रीत अपने चाचा जी के साथ सो रहा था, जबकि परिवार के अन्य सदस्य पहली और दूसरी मंजिल पर सो रहे थे। ग्राउंड फ्लोर पर ही खड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटी को चार्जिंग पर लगाया गया था। तड़के अचानक स्कूटी की बैटरी में शॉर्ट सर्किट हुआ और उसमें जोरदार धमाका हो गया। स्कूटी से निकली आग की लपटों ने पास में रखे घरेलू सामान और बिजली के मीटरों को तुरंत अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने के कारण नीचे सो रहे लोगों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला और पूरी सीढ़ी व कमरों में जहरीला धुआं भर गया।

दमकल कर्मियों के पहुंचने से पहले ही स्थानीय निवासियों और पुलिस की पीसीआर वैन ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए घर के भीतर फंसे लोगों को बाहर निकाला और तुरंत रघुबीर नगर स्थित गुरु गोविंद सिंह अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंतरा ने जांच के बाद 13 वर्षीय मासूम जसप्रीत को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक अत्यधिक धुआं फेफड़ों में भर जाने और झुलसने के कारण उसकी मौत हुई। वहीं घर की बुजुर्ग महिला, जिनकी पहचान 65 वर्षीय स्वर्णजीत कौर के रूप में हुई है, वह अपनी हथेलियों और शरीर पर करीब 35 प्रतिशत तक झुलस गई हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है।

दमकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, टीम ने आधुनिक उपकरणों की मदद से सुबह करीब तीन बजकर दस मिनट पर आग को आगे फैलने से रोका और चार बजकर दस मिनट पर आग को पूरी तरह से बुझा दिया गया। ख्याला थाना पुलिस ने इस दर्दनाक हादसे के संबंध में केस दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी है। पुलिस की क्राइम और फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीमें सुबह ही घटनास्थल पर पहुंच गईं और जले हुए वाहनों व बिजली के तारों के सैंपल इकट्ठे किए हैं ताकि आग लगने के सटीक तकनीकी कारणों का पता लगाया जा सके।

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