मौसम विभाग की चेतावनी,15 नवंबर को चेन्‍नई पहुंचेगा चक्रवात

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इस चक्रवाती तूफान के कारण बंगाल की खाड़ी के तटवर्ती इलाकों में 70-80 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जो कि अधिकतम 90 किलोमीटर प्रतिघंटे तक पहुंच सकती हैं। मौसम विभाग द्वारा मछुआरों को समुद्र में ना जाने की चेतावनी जारी की गई है।
साथ ही स्थानीय प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है। इसरो आज अपना कम्यूनिकेशन सैटेलाइट लॉन्च करने वाला था, लेकिन लगता है कि साइक्लोन गाजा के चलते इसरो को यह लॉन्चिंग टालनी पड़ सकती है।
‘चक्रवाती तूफान गाजा’ तेजी से चेन्नई की तरफ बढ़ रहा है। फिलहाल साइक्लोन गाजा चेन्नई के पूर्वी-उत्तरी इलाके से 740 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और इसके 15 नवंबर को दोपहर तक चेन्नई पहुंचने की आशंका है।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, यह तूफान चेन्नई के पश्चिमी-दक्षिणी तटों की तरफ बढ़ रहा है। जिसके चलते अगले 24 घंटों में तेज तूफान आने की आशंका जतायी जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस तूफान के चलते चेन्नई के उत्तरी तटवर्ती इलाकों और आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तटवर्ती जिलों में 14 नवंबर की शाम से भारी बारिश शुरु होने का अनुमान है।
तूफान की वजह से समुद्र में करीब एक मीटर ऊंची लहरें उठ सकती है जिनसे नागपट्टिनम, तंजौर, पुडुकोट्टई और रामनाथपुरम जिलों में निचले इलाके डूब सकते हैं।
मछुआरों को 13 से 15 नवंबर के बीच मध्य और दक्षिण बंगाल की खाड़ी में नहीं जाने की सलाह दी गयी है। तमिलनाडु सरकार ने अपने अधिकारियों को अलर्ट किया है और करीब 31 हजार बचावर्किमयों को तैयार कर रखा है।
बुलेटिन के मुताबिक 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार चल सकती हैं और पश्चिम-मध्य तथा पास में लगे पूर्व-मध्य और दक्षिण बंगाल की खाड़ी के ऊपर 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकता है। इसके अनुसार हवाएं धीरे-धीरे 90-100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति और फिर 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती हैं।
मौसम विज्ञान विभाग के एक बुलेटिन में कहा गया, ‘‘पश्चिम-दक्षिण पश्चिम की ओर बढ़ते समय यह धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है और 15 नवंबर की शाम को चक्रवाती तूफान के रूप में पम्बान तथा कुड्डलूर के बीच में से तमिलनाडु के तटीय क्षेत्र को पार कर सकता है।’’
इसमें कहा गया कि इसकी वजह से उत्तर तटीय तमिलनाडु और उससे लगे दक्षिण तटीय तमिलनाडु एवं आंध्र प्रदेश के जिलों में 14 नवंबर की शाम से भारी बारिश हो सकती है।
नारायणसामी ने अधिकारियों से सभी इलाकों में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि अगर जरूरत होगी तो वह इन कार्यों में तालमेल बिठाने के लिए कराइकल में डेरा डालेंगे। इस बीच नागापट्टनम के जिला अधिकारी सी सुरेशकुमार ने संवाददाताओं को बताया कि
जिला प्रशासन ने किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम कर लिए हैं। उन्होंने बताया कि लोगों को ठहराने के लिए 22 शिविर तैयार हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय में एक नियंत्रण कक्ष बनाया गया है जो 24 घंटे काम करेगा।
पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने चक्रवात गाजा के कल तटीय जिले में पहुंचने की आशंका के बीच बुधवार को कराइकल जिले के तिरुनल्लार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की और तैयारियों का जायजा लिया।
कृषि मंत्री आर कमलाकन्नन, कराइकल के जिला अधिकारी आर केसवन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राहुल अलवाल और लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य, बिजली, मत्स्य, दमकल एवं बचाव सेवा विभागों के प्रमुख इस बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को राहत सामग्रियों का पर्याप्त भंडार रखने को कहा है।
विभाग ने कहा कि चक्रवात गाजा के कमजोर होने से पहले बुधवार की सुबह से तमिलनाडु-दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में हालात बिगड़ सकते हैं और रात में समुद्र में ऊंची लहरे उठने की उम्मीद है। मछली पकड़ने गए मछुआरों को जल्द लौटने की सलाह दी गई है।
भारतीय मौसम विभाग ने अपनी विज्ञप्ति में कहा कि गाजा बीते छह घंटों में पांच किमीप्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की तरफ बढ़ रहा है। चक्रवाती तूफान गाजा सुबह करीब 5.30 बजे यहां से करीब 750 किमी पूर्व में व नागापट्टनम से 840 किमी पूर्व-उत्तरपूर्व में केंद्रित था।
साइक्लोन गाजा के कारण तमिलनाडु के कुड्डालोर इलाके में सभी निजी और सरकारी स्कूल कर रहेंगे बंद। साथ ही तमिलनाडु में कई रिलीफ कैंप लगाए गए हैं। साइक्लोन गाजा अगले कुछ घंटों में काफी सक्रिय हो जाएगा और अगले 24 घंटे तक अपना पूरा असर दिखाएगा। लेकिन 24 घंटे के बाद यानि कि 15 नवंबर को यह कमजोर पड़ जाएगा।
मौसम विभाग ने साइक्लोन गाजा के कारण कई इलाकों में भारी बारिश के चलते मकानों और संचार व्यवस्था के ठप होने की आशंका जतायी है। कई जगहों पर बिजली की समस्या भी हो सकती है।
तमिलनाडु के सीएम ई. पलानीस्वामी ने साइक्लोन गाजा के मुद्दे पर एक उच्च स्तरीय बैठक की और राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया। राज्य में करीब 4,399 जगहों को संवेदनशील मानते हुए राहत और बचाव कार्यों के लिए विभिन्न टीमें तैनात कर दी गई हैं।
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उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाकों में मछुआरों को समुद्र में ना जाने की सलाह दी गई है। साथ ही जो लोग समुद्र में हैं, उन्हें भी तुरंत लौटने के निर्देश दिए गए हैं।

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