कर्नाटक सरकार BJP के विरोध के बाद भी मनायेगी टीपू जयंती,धारा 144 लागू

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बेंगलूरु,। टीपू सुल्तान की जयंती पर सियासी घमासान छिड़ा है। विपक्षी भाजपा के विरोध के बावजूद कर्नाटक सरकार आज (शनिवार) टीपू जयंती मनाने जा रही है।
हालांकि, स्वास्थ्य कारणों से मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने अपने को इस समारोह से अलग कर लिया है। उनकी पार्टी जनता दल-सेकुलर भी समारोह से दूरी बनाए हुए है।
उप मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता जी. परमेश्वरा राज्य सचिवालय में समारोह का उद्घाटन करेंगे।
टीपू जयंती पर भाजपा के विरोध को देखते हुए पूरे राज्य में सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए हैं। पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि टीपू सुल्तान की जयंती को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए बेंगलुरु, मैसूर, कोडागू और
मंगलुरु में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा कोडागू, हुबली और धारवाड़ में 10 नवंबर की सुबह 6 बजे से लेकर 11 नवंबर की सुबह 7 बजे तक के लिए धारा 144 लगा दी गई है।
जनता दल सेक्युलर-कांग्रेस के गठबंधन वाली सरकार का नेतृत्व करने वाले मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने पिछले सप्ताह कहा था कि पिछली कांग्रेस सरकार की नीति को बरकरार रखते हुए 10 नवंबर को ‘टीपू जयंती’ मनाई जाएगी।
‘टीपू जयंती’ पर आयोजित प्रमुख समारोह का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर करेंगे। कुमारस्वामी के इस ऐलान के बाद ही भाजपा ने विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की थी।
इस बीच, मुख्यमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि कुमारस्वामी डॉक्टर की सलाह के मद्देनजर अगले 3 दिन तक किसी आधिकारिक समारोह में हिस्सा नहीं लेंगे।
वहीं, मंत्री डीके शिवकुमार ने भाजपा के विरोध पर बोलते हुए कहा कि टीपू सुल्तान का इतिहास काफी लंबा है। उन्होंने कहा, ‘अगर हम उनकी जयंती मनाते हैं, तो इसमें मुझे कोई बुराई नहीं दिखती।
भाजपा का अपना राजनीतिक एजेंडा है। वे हिंदुओं और मुसलमानों के बीच मतभेद पैदा करना चाहते हैं।’
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बता दें कि 18वीं शताब्दी के विवादास्पद शासक रहे टीपू सुल्तान की जयंती मनाने का सिलसिला कांग्रेस ने 2015 में शुरू किया था।

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