PM आवास योजना के नाम पर बड़ी ठगी, 6 राज्यों के 500 लोगों को बनाया शिकार

0 296
नई दिल्ली, । शातिर लोग आम जनता की कम जानकारी का फायदा ही नहीं उठाते हैं, बल्कि उन्हें अपने झांसे में लेकर बड़ा घोटाला तक कर डालते हैं।

 

ताजा मामला समूचे देश के लोगों की आंखें खोलने वाला है। यह घोटाला कुल मिलाकर प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ा है।
दरअसल, पिछले कुछ महीनों के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सस्ता लोन दिलाने के बहाने देश के छह राज्यों के 500 से अधिक लोगों से 70 लाख रुपये की ठगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
इतनी बड़ी संख्या में लोगों से ठगी करने वाले शातिर तीन लोगों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, वहीं कहा जा रहा है कि अभी कुछ और लोगों की गिरफ्तारी की जा सकती है।
फिलहाल तीन शातिरों की गिरफ्तारी दक्षिणी जिला पुलिस ने शुक्रवार को डिफेंस कॉलोनी से की है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम असरफ खान, तस्लीम अहमद और मुजाम्मिल खान हैं। 
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से दर्जनों डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड के अलावा, छह मोबाइल, लैपटॉप, दो कारें,
24 मोबाइल फोन सिम और कई फाइनेंस कंपनियों की रबर स्टैंप बरामद किया है। 
पुलिस ने पूछताछ के आधार पर बताया कि आरोपियों में से एक असरफ खान इस ठगी गैंग का सरगना है और
इसने दिल्ली से सटे गाजियाबाद के चर्चित संस्थान से बेचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) किया है।
पुलिस उपायुक्त विजय कुमार की मानें तो असरफ खान ने बीबीए करने के बाद कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNC) में नौकरियां कीं। फिर अपना कारोबार करने के लिए नौकरी छोड़ दी, लेकिन नए कारोबार में उसे घाटा हो गया।
घाटे के बाद असरफ को करीबी तस्लीम अहमद और मुजाम्मिल खान के साथ मिलकर इस ठगी की योजना बनाई। हालांकि, ठगी उसने काफी पहले से ही शुरू कर दी थी। 
दिल्ली की महिला की शिकायत के बाद पुलिस जुटी थी जांच में
बताया जा रहा है कि दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी थाने में एक पीड़ित महिला ने ठगी की शिकायत दी थी। पीड़िता की मानें तो उसे कम दरों पर लोन दिलाने के नाम पर ठगा गया।
महिला ने बताया कि आरोपियों ने एक निजी फाइनेंस कंपनी का फर्जी लोन सर्टिफिकेट देकर उससे 22 हजार रुपये ठग लिए।
जांच के दौरान सामने आई कई चौंकाने वाली बातें
शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। इस दौरान आरोपियों के बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबरों की पड़ताल की गई, तो पता चला कि
मोबाइल फोन नंबर और अकाउंट फर्जी पते पर लिए गए थे। वहीं, पुलिस को इन्हीं फर्जी पते से जारी कई बैंकों के अकाउंट की जानकारी मिली।
इस तरह करते थे ठगी
जानकारी के मुताबिक, आरोपी किसी भी कंपनी की एक सीरीज के मोबाइल नंबरों की पहचान कर लोगों को फोन करते थे।
फोन पर ये शातिर दिल्ली, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा के लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सस्ती दरों पर लोन देने का लालच देते थे।
यह भी पढ़ें: राजस्थान: बड़बोले नेता अपनी ही पार्टियों का बिगाड़ रहे समीकरण
लोगों को ठगने के लिए शातिर रोज अखबारों में छपने वाली ठगी की खबरों को पढ़ते थे। 

Leave A Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More