बरेली: हिंदी नहीं पढ़ सके सरकारी स्कूल के बच्चे

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बरेली, । परिषदीय स्कूलों में अ‌र्द्धवार्षिक परीक्षा सोमवार से शुरू हो गई। बीएसए ने पहले दिन औचक निरीक्षण किया तो बेहतर शिक्षा की कलई खुल गई। बच्चे हिन्दी के शब्द तक नहीं लिख पा रहे थे।
शिक्षकों को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की। एक अन्य विद्यालय में तो नामांकन के सापेक्ष महज 43 फीसद बच्चे ही उपस्थित मिले।
शिक्षा मित्र और अनुदेशक महीनों से गैरहाजिर थे। इनका मानदेय रोका और लापरवाही पर महिला प्रधानाध्यापक और एनपीआरसी का वेतन रोकने के आदेश दिए।
बीएसए सुबह सबसे पहले उच्च प्राथमिक विद्यालय परातासपुर पहुंचीं। स्कूल में चार शिक्षिकाएं तैनात हैं, फिर भी सातवीं कक्षा के बच्चे भी हिंदी के शब्द नहीं लिख पा रहे थे।
सभी शिक्षिकाओं को प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी। वहां से भिडौलिया के प्राथमिक विद्यालय पहुंचीं। यहां महज 43 फीसद बच्चे ही मिले।
स्टाफ की उपस्थिति चेक की तो पता चला कि शिक्षा मित्र सलमा 20 अगस्त से बिना सूचना के गैरहाजिर हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालय पदारथपुर में तैनात अनुदेशक छह अगस्त से अनुपस्थित हैं।
दोनों का मानदेय रोक दिया गया। अन्य विद्यालयों में स्थिति संतोषजनक थी।
उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जिले के छह परीक्षा केंद्रों को डिबार घोषित किया है। जिनकी सूची वेबसाइट पर अपलोड कर सूचना सार्वजनिक की है।
यूपी बोर्ड परीक्षा 2019 के लिए परिषद ने बिसारतगंज के एए खान इंटर कॉलेज, खेड़ा देवधरा के सर्वोदय जनकल्याण इंटर कालेज, नबावगंज के चमरौआ का जवाहरलाल नेहरु इंटर कालेज,
बहेड़ी दमखोदा के धनीराम इंटर कालेज, फरीदपुर के किसान इंटर कालेज, नबावगंज के हाफिजगंज के श्री एचएन द्धिवेदी इंटर कालेज को डिबार किया है।
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