दूसरे के दस्तावेजों पर सालों से नौकरी कर रहे चार जालसाज सहायक शि़क्षक गिरफ्तार

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लखनऊ, । उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बेसिक शिक्षा विभाग में वर्ष 2009 से दूसरे के शैक्षिक प्रमाण पत्रों पर सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी कर रहे चार जालसाज शिक्षकों को जनपद बलरामपुर से गिरफ्तार किया।

 

उनके पास से 05 मोबाइल फोन, 5800 रुपए, एटीएम कार्ड, वोटर कार्ड और एक कार बरामद हुई है।
यूपी एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि पकड़े गए लोगों की पहचान शम्भू सरन पाण्डे उर्फ सौरभ कुमार निवासी पिकौरा बक्श जनपद बस्ती,  
जीवन ज्योति शुक्ला निवासी ओरीजोत थाना कोतवाली नगर जनपद बस्ती, विन्देश्वरी प्रसाद तिवारी उर्फ शषी केश निवासी खमरिया पोस्ट रमवापुर थाना त्रिलोकपुर जनपद
सिद्धार्थनगर और मनोज यादव उर्फ संजय यादव निवसी दुबौली थाना कोतवाली जनपद महराजगंज के रूप में हुई है।
यह चारों बेसिक शिक्षा विभाग में अलग-अलग जिलों में पहले से ही शिक्षक के रूप कार्यरत लोगों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की फर्जी दूसरी कापी बनाकर महराजगंज में वर्ष 2009 से बतौर सहायक शिक्षक में नौकरी कर रहे थे।
सिपाही भर्ती परीक्षा में नकल करने वाले गिरोह के 03 सदस्य गिरफ्तार
लखनऊ, । उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के 03 सदस्यों को जनपद इलाहाबाद में गिरफ्तार किया।
उनके पास से 03  मोबाइल, 05 मोबाइल स्क्रीन शाट,  01 आधार कार्ड फर्जी व डियुटी कार्ड फर्जी बरामद हुआ है।
यूपी एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि पकड़े गए लोगों में  महेन्द्र सिंह निवासी बाकरगंज थाना सैनी, जनपद कौशाम्बी,
दीपेन्द्र पटेल निवासी जनुआडीह थाना फूलपुर जनपद इलाहाबाद और पवन कुमार पाण्डेय निवसी थाना दारागंज जनपद इलाहाबाद है

इन लोगों को एसटीएफ ने मुखबिर की सूचना पर इलाहाबाद के करैली क्षेत्र स्थित
आरबीएस इन्टर कालेज से गिरफ्तार किया। यह तीनों दूसरे के स्थान पर फर्जी आधार कार्ड बनवाकर उप्र पुलिस की आरक्षी पद की परीक्षा में नकल कराने के लिए फर्जी कक्ष निरीक्षक बनकर आए थें।
रेप पीड़िता किशोरी की गला दबाकर हत्या
लखीमपुर खीरी, ।  पुलिस की लापरवाही से लखीमपुर खीरी में बेटी बचाओ अभियान को लगा पलीता। रेप पीड़िता किशोरी की गला दबाकर हत्या कर दी गयी।
जानकारी के अनुसार, फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के गांव का मामला है। मामले में दो अक्तूबर को रेप का केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने 23 दिन तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की।
माना जा रहा है कि यदि फूलबेहड़ पुलिस चेत जाती तो नाबालिक किशोरी की हत्या नहीं होती। 
पीड़िता के भाई का आरोप है कि पुलिस बना रही थी समझौते का दबाव।
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दोपहर घर के आंगन में मिली थी लाश। भाई का आरोप है कि जिन्होंने रेप किया उन्होंने मार दिया।

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