उपमुख्यमंत्री का करीबी बता कर नौकरी के नाम पर 36लाख की ठगी

0
ऊ० प्र० के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नाम जालसाजों द्वारा लाखों रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। वाराणसी में जालसाजों ने डिप्टी सीएम का करीबी बताकर पुलिस और शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 39 लाख रुपये ऐंठ लिए। इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री के नाम का फर्जी लेटरपैड पकड़ा दिया।
नौकरी न लगने पर भुक्तभोगी ने रुपये वापस मांगे तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। प्रकरण को लेकर चंदौली जिले के कंदवा थाना क्षेत्र के चारी चिरईगांव निवासी मोती सिंह मौर्य और उसके बेटे शिवशंकर मौर्य के खिलाफ मंगलवार की रात वाराणसी के शिवपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
वाराणसी में रोहनिया थाना क्षेत्र के नरोतमपुर गांव निवासी विनय कुमार मौर्य के अनुसार उसके पिता शिक्षा विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। वहीं, बड़े पिता शिक्षा विभाग से सेवानृवित हुए हैं। बड़े पिता के जान-पहचान के शिवशंकर मौर्य और उसके पिता मोती सिंह मौर्य का घर आना-जाना लगा रहता था। शिवशंकर मौर्य ने बड़े पिता से कहा कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से उसके करीबी संबंध हैं। वह घर के तीन लड़के-लड़कियों की नौकरी पुलिस और शिक्षा विभाग में लगवा देगा।
दो लड़के और एक लड़की की नौकरी के लिए 36 लाख रुपये देना होंगे और भागदौड़ में चार लाख रुपये अलग से खर्च होंगे। विनय ने बताया कि पिता-पुत्र की बातों पर भरोसा कर उन्हें चेक और नकद 39 लाख रुपये दे दिए। इसके कुछ दिन बाद शिवशंकर ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के नाम से लिखा लेटरपैड दिया।
लखनऊ जाकर पता करने पर सामने आया कि लेटरपैड फर्जी है। इस पर शिवशंकर से पैसे वापस मांगे तो उसने 10 लाख के दो चेक दिए। बैंक में चेक बाउंस हो गए। उसके बाद से लगातार पैसा मांगा गया, लेकिन शिवशंकर टालमटोल करता रहा। 22 जून को शिवशंकर ने पैसा देने के लिए सेंट्रल जेल रोड पर बुलाया। पैसा मांगने पर मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी, साथ ही कहा कि सब भूल जाओ। शिवपुर थनाध्यक्ष नागेश कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

 

Leave A Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More