बदायूं: स्ट्रेचर न मिलने से मजबूर परिजनों ने गोद में उठाकर मरीज को कराया भर्ती

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बदायूं। स्ट्रेचर की अनुपलब्धता के चलते चलने फिरने में असमर्थ मरीजों को उनके तीमारदारों को अपने कंधे या गोद में वार्ड तक ले जाना पड़ा है।

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इस बाबत वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर डीएम दिनेश कुमार सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉक्टर भारत भूषण पुष्कर को जांच के आदेश दिए। सीएमएस ने लापरवाही के आरोप में तीन वार्ड बॉय को निलंबित कर दिया है।
बदायूं का जिला अस्पताल बेहाल हो चुका है। यहां सुविधाओं का आभाव है। इस सरकारी अस्पताल में मरीजाेंको स्ट्रेचर नहीं मिल रहे हैं। गंभीर रूप से बीमार मरीजों के उनके परिजन गोद में वाॅर्ड में ले जाने को मजबूर हैं।ऐसा ही एक वीडियो मंगलवार को सामने आया है।
उघैती इलाके के ग्राम रहेटनी निवासी अर्जुन सिंह (60) श्वास रोगी हैं। सोमवार को अचानक उनकी हालत बिगड़ने परिवार वाले उन्हें 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। तीमारदारों ने स्ट्रेचर तलाश किया लेकिन न इमरजेंसी में स्ट्रेचर मिला और न ही स्ट्रेचर खींचने वाले कर्मचारी मिले।
थक हारकर मरीज अर्जुन सिंह को उनके बेटे ने खुद गोद में उठाया और इमरजेंसी में ले गया। उस समय डॉ. गजेंद्र वर्मा की इमरजेंसी में ड्यूटी थी। उन्होंने भी इस पर कोई गौर नहीं किया। फिर प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को वार्ड में भर्ती करा दिया। यह पूरा वाकया अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गया।
मामला डीएम तक पहुंचा तो सीएमएस डॉ. भारत भूषण पुष्कर को भी लापरवाह स्टाफ पर कड़ा एक्शन लेने को मजबूर होना पड़ा। उन्होंने तत्काल प्रभाव से स्ट्रेचर खींचने को लगाए गए वॉर्ड बॉय कमल, ब्रजेश कुमार और अजय को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही ईएमओ डॉक्टर गजेंद्र वर्मा को भी चेतावनी जारी की है। वहीं एंबुलेंस प्रभारी रोहित यादव को भी पत्र भेजकर अवगत कराया है कि मरीज को एंबुलेंस से इमरजेंसी तक ले जाने की जिम्मेदारी एंबुलेंस स्टाफ की भी है।

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