आईएसबीटी के सामने घेराबंदी कर रोकी गई वैगन-आर कार, भारी मात्रा में देसी शराब बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के उत्तरी जिले की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने ‘ऑपरेशन कवच 13.0’ के तहत अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ एक सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया है। पुलिस टीम ने कश्मीरी गेट आईएसबीटी फ्लाईओर पर रणनीतिक घेराबंदी कर एक कार से तस्करी की जा रही 2150 क्वार्टर (43 पेटी) अवैध शराब बरामद की है। यह शराब केवल हरियाणा में बिक्री के लिए मान्य थी। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल मारुति वैगन-आर को भी जब्त कर लिया है।

उत्तरी जिले के डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि ऑपरेशन सेल के एसीपी विशेष धत्तावाल के मार्गदर्शन और एंटी-नारकोटिक्स सेल प्रभारी इंस्पेक्टर संजय कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम (एसआई जगबीर, एचसी लेखराज व अन्य) का गठन किया गया था। 29 और 30 मार्च की दरमियानी रात पुलिस को सूचना मिली कि एक कार में भारी मात्रा में अवैध शराब भरकर कश्मीरी गेट के रास्ते दिल्ली लाई जा रही है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने फ्लाईओर पर जाल बिछाया और रात करीब 12:55 बजे संदिग्ध कार को रुकवाया।

कार में सवार दो व्यक्तियों की पहचान नंद किशोर (29 वर्ष) और उसके चचेरे भाई धर्मवीर यादव (23 वर्ष) के रूप में हुई, जो मूल रूप से मधुबनी, बिहार के रहने वाले हैं। कार की तलाशी लेने पर उसमें 43 कार्टन अवैध शराब भरी मिली। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे सोनीपत निवासी ‘रमेश’ के निर्देश पर यह शराब तिमारपुर, दिल्ली पहुँचाने वाले थे। रमेश ने ही उन्हें कार उपलब्ध कराई थी और वे प्रति चक्कर ₹1000 के कमीशन पर काम करते थे।

जांच में सामने आया कि नंद किशोर पहले सोनीपत में हलवाई का काम करता था, लेकिन अधिक पैसे कमाने के चक्कर में वह शराब तस्करी के धंधे में उतर गया। उसका भाई धर्मवीर कुछ दिन पहले ही नौकरी की तलाश में उसके पास आया था, जिसे नंद किशोर ने अपने साथ इस अवैध काम में लगा लिया। पुलिस ने इस संबंध में थाना कश्मीरी गेट में दिल्ली आबकारी अधिनियम की धारा 33/58 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। फिलहाल पुलिस मुख्य सप्लायर रमेश की तलाश में जुटी है।

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