दिल्ली में मलबे के निस्तारण हेतु चला सघन अभियान, 1.5 लाख मीट्रिक टन कचरा हटाकर सड़कों को किया गया साफ

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली को धूल प्रदूषण से मुक्त करने और शहरी स्वच्छता को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 6 मार्च से 31 मार्च तक चले विशेष स्वच्छता अभियान के दौरान दिल्ली की सड़कों, नालों और गलियों से करीब 1,52,143 मीट्रिक टन निर्माण एवं विध्वंस कचरा (मलबा) हटाया गया है। इस महाअभियान के जरिए न केवल सार्वजनिक स्थलों का सौंदर्यीकरण हुआ है, बल्कि जन स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले धूल कणों पर भी अंकुश लगाने का प्रयास किया गया है।

अभियान की सफलता के लिए एमसीडी ने अपने सभी जोनों में अतिरिक्त मानव संसाधन और भारी मशीनरी झोंक दी थी। प्रत्येक जोन में लगभग 50 अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती के साथ-साथ जेसीबी, लोडर और हाईवे मशीनों का व्यापक स्तर पर उपयोग किया गया। निगम द्वारा वार्ड स्तर पर जूनियर इंजीनियरों की देखरेख में ऑटो टिपरों के जरिए छोटे और अनधिकृत मलबे को 125 चिन्हित केंद्रों तक पहुँचाया गया। आंकड़ों के अनुसार, कुल मलबे में से 79,406 मीट्रिक टन एमसीडी द्वारा और 72,737 मीट्रिक टन अन्य संबंधित एजेंसियों द्वारा एकत्रित किया गया।

इस विशेष अभियान के दौरान मलबे के उठान में अभूतपूर्व तेजी देखी गई। जनवरी माह में जहाँ प्रतिदिन औसतन 3,500 मीट्रिक टन मलबा उठाया जा रहा था, वहीं इस अभियान के दौरान यह आंकड़ा बढ़कर 6,100 मीट्रिक टन प्रतिदिन पहुँच गया, जो कि लगभग 80 से 90 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इस दौरान दिल्ली के 250 वार्डों से करीब 7,500 ट्रक मलबा भरकर रानी खेड़ा, शास्त्री पार्क, बुराड़ी और बक्करवाला स्थित प्रसंस्करण संयंत्रों तक पहुँचाया गया, जहाँ इसका पर्यावरण अनुकूल तरीके से निस्तारण किया जा रहा है।

भविष्य में मलबे की समस्या के स्थायी समाधान के लिए एमसीडी ने ‘दिल्ली मलबा ऐप’ नामक एक आधुनिक वेब प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया है। इस ऐप के माध्यम से दिल्ली के नागरिक अपने घर के निर्माण या मरम्मत से निकलने वाले मलबे को उठवाने के लिए ऑनलाइन अनुरोध कर सकते हैं। साथ ही, यदि कहीं अवैध रूप से मलबा पड़ा दिखे, तो उसकी शिकायत भी दर्ज की जा सकती है। कम मात्रा में होने पर मलबे को निःशुल्क हटाने की सुविधा भी दी गई है। निगम का यह समन्वित प्रयास एक स्वच्छ, स्वस्थ और हरित दिल्ली के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है।

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