योगी सरकार का ‘हेल्थ कवच’: 9 करोड़ लोगों को ₹5 लाख का मुफ्त इलाज, 6000 अस्पतालों का बनाया सबसे बड़ा नेटवर्क

राष्ट्रीय जजमेंट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने पिछले नौ वर्षों में अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को ‘बीमारू’ छवि से निकालकर ‘अग्रणी और आधुनिक’ श्रेणी में स्थापित कर लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन का परिणाम है कि आज यूपी न केवल भौतिक चिकित्सा ढांचे (Infrastructure) में बल्कि डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में भी पूरे देश का नेतृत्व कर रहा है।
प्रदेश ने 5.76 करोड़ से अधिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो आने वाले समय में पेपरलेस और सटीक उपचार की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

डिजिटल हेल्थ और माइक्रोसाइट्स में यूपी नंबर 1

उत्तर प्रदेश आज डिजिटल स्वास्थ्य क्रांति का केंद्र बन चुका है। माइक्रोसाइट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश में 35 माइक्रोसाइट्स का सफल संचालन किया जा रहा है, जहाँ 4.4 लाख से अधिक रिकॉर्ड पंजीकृत कर यूपी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई है।

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM): प्रदेश में 13.18 करोड़ से अधिक लोगों के ‘आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट’ (ABHA) बनाए जा चुके हैं।

हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री: 81,615 से अधिक डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के पंजीकरण के साथ यूपी देश में अग्रणी है।

आयुष्मान योजना: दुनिया का सबसे बड़ा मुफ्त उपचार नेटवर्क

योगी सरकार ने प्रदेश के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को इलाज के भारी खर्च से मुक्त कर दिया है।

सुरक्षा कवच: 5.59 करोड़ लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं, जबकि कुल 9 करोड़ लोगों को ₹5 लाख तक का निःशुल्क चिकित्सा बीमा प्रदान किया गया है।

अस्पतालों का जाल: प्रदेश में 6,213 अस्पतालों का नेटवर्क है (2,950 सरकारी और 3,263 निजी), जो देश में किसी भी राज्य की तुलना में सबसे बड़ा है। अब तक 13,353 करोड़ रुपये खर्च कर 81.55 लाख मरीजों का मुफ्त इलाज किया जा चुका है।

मातृ-शिशु स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाएं

प्रदेश में शिशु और मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं।

निःशुल्क सुविधा: गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए ई-वाउचर की सुविधा दी जा रही है। जननी सुरक्षा योजना से 13.51 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हुई हैं।

एम्बुलेंस सेवा: 108 सेवा से अब तक 4 करोड़ लोगों को मदद मिली है। एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाकर 375 कर दी गई है।

विशेषज्ञ सेवाएं अब हर जिले में उपलब्ध

स्वास्थ्य सेवाओं का लोकतंत्रीकरण करते हुए योगी सरकार ने विशेषज्ञ उपचार को लखनऊ से निकालकर हर जिले तक पहुंचाया है:

डायलिसिस: प्रदेश के सभी 75 जिलों में निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध है, जिससे 41.46 लाख मरीज लाभान्वित हुए हैं।

टेलीमेडिसिन: दूरदराज के क्षेत्रों के लिए ई-संजीवनी और टेली-कंसल्टेशन के जरिए विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कैशलेस इलाज: राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा योजना’ मील का पत्थर साबित हो रही है।

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