केवाईसी अपडेट के नाम पर बुजुर्ग से 10.5 लाख की ठगी, साइबर थाना पुलिस ने झारखंड से दो जालसाजों को दबोचा

नई दिल्ली: दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिला के साइबर थाना पुलिस ने एक वरिष्ठ नागरिक से केवाईसी अपडेट करने के नाम पर करीब 10.5 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर झारखंड के धनबाद जिले में छापेमारी कर दो शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अमरनाथ रविदास (20 वर्ष) और विकास रविदास (21 वर्ष) के रूप में हुई है। इनके पास से पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। ठगों ने मीट नगर निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग को व्हाट्सएप कॉल के जरिए झांसे में लिया और एक संदिग्ध फाइल डाउनलोड कराकर उनके खाते से 10,52,938 रुपये उड़ा दिए थे। साइबर थाना पुलिस ने अब तक ठगी की रकम में से 2.05 लाख रुपये बैंक खाते में फ्रीज करा दिए हैं।

घटना 25 अप्रैल की है, जब मीट नगर निवासी पीड़ित राकेश कुमार को एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉलर ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर केवाईसी विवरण अपडेट करने का झांसा दिया और उन्हें एक फाइल डाउनलोड करने के लिए निर्देशित किया। जैसे ही पीड़ित ने फाइल डाउनलोड की, उनके बैंक खातों से अनाधिकृत लेनदेन के जरिए लाखों रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी सत्येंद्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में एसएचओ राहुल कुमार के नेतृत्व वाली विशेष टीम ने साक्ष्य जुटाना शुरू किया।

साइबर सेल की टीम में शामिल एसआई तलविंदर सिंह, हेड कांस्टेबल अंकित, नितिन, अमित, रोहन और कांस्टेबल सौरभ ने तकनीकी विश्लेषण और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड खंगाले। जांच में पता चला कि ठगी की रकम को कई अलग-अलग बैंक खातों में स्थानांतरित किया गया और बाद में एटीएम के जरिए निकाला गया। सुराग मिलते ही पुलिस टीम ने झारखंड के निरसा थाना क्षेत्र अंतर्गत पीठाक्यारी गांव में दबिश दी और मुख्य आरोपी अमरनाथ रविदास को धर दबोचा। अमरनाथ से मिली जानकारी के आधार पर उसके सहयोगी विकास रविदास को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे एपीके फाइलों का इस्तेमाल कर लोगों के फोन का एक्सेस प्राप्त करते थे और फिर बैंक खाते साफ कर देते थे। पुलिस की विस्तृत जांच में यह भी सामने आया कि इन आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल फोन नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल की पांच अन्य शिकायतों से भी जुड़े हुए हैं। इसका अर्थ है कि यह गिरोह देश के अन्य हिस्सों में भी सक्रिय था। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है। फिलहाल, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि ठगी गई बाकी रकम की बरामदगी सुनिश्चित की जा सके।

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