पुलिस भर्ती पेपर लीक का दावा करने वाला जालसाज आयुष बघेल गिरफ्तार, Telegram पर फैलाई थी अफवाह

आगरा: यूपी एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में टेलीग्राम के माध्यम से पेपर लीक कराने का दावा करने वाले गिरोह के एक सक्रिय सदस्य आयुष बघेल को गिरफ्तार किया है. आरोपी आयुष बघेल को आगरा के न्यू आगरा थाना क्षेत्र की इंजीनियर्स कॉलोनी से पकड़ा गया है. लखनऊ के हुसैनगंज थाने में 11 और 12 मार्च को टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से अफवाह फैलाने और गोपनीयता भंग करने के संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया था. एसटीएफ और पुलिस भर्ती बोर्ड की टीमें सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रख रही थीं, ताकि परीक्षा की शुचिता बनी रहे.

टेलीग्राम चैनलों के ज़रिए जालसाजी: यूपी एसटीएफ लखनऊ के पुलिस उपाधीक्षक सुधांशु शेखर ने बताया कि आरोपी आयुष बघेल ने ‘UP SI UP POLICE-2026’ और ‘RESULT PANEL’ जैसे कई टेलीग्राम चैनल बना रखे थे. इन चैनलों के माध्यम से वह निर्दोष अभ्यर्थियों को जोड़ता था और उन्हें पेपर लीक होने का झांसा देता था. वह पीडीएफ एडिटर सॉफ्टवेयर का उपयोग करके किसी भी पुराने पेपर का प्रथम पेज बदल देता था. केवल प्रश्न और विकल्प छोड़कर बाकी सभी जानकारियों को एडिट कर वह उसे असली पेपर बताकर लोगों को भ्रमित करता था.

पेमेंट के लिए अपनाई डिजिटल तकनीक: पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी पेपर के नाम पर अभ्यर्थियों से यूपीआई आईडी और बार कोड के जरिए लाखों रुपये वसूलता था. वह दूसरों के बैंक खातों का उपयोग कमीशन देकर करता था, ताकि उसकी पहचान छिपी रहे. वसूली गई रकम को वह सीधे बैंक खाते में न लेकर Amazon ऐप के 2000 रुपये वाले कूपन कोड के रूप में प्राप्त करता था. यह तरीका उसने इसलिए अपनाया ताकि पुलिस और साइबर सेल की जांच से बचा जा सके और पैसों का लेन-देन डिजिटल वॉलेट में सुरक्षित रहे.
अन्य साथियों की तलाश में पुलिस: गिरफ्तार अभियुक्त उप निरीक्षक नागरिक पुलिस भर्ती-2025 की परीक्षा का प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने के नाम पर दर्जनों लोगों के संपर्क में था. वह अन्य टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से भी वास्तविक प्रश्न पत्र प्राप्त करने की जुगत में लगा रहता था, ताकि उन्हें ऊंचे दामों पर बेच सके. UP STF अब आयुष से मिली जानकारी के आधार पर इस गिरोह के अन्य सदस्यों और संदिग्ध बैंक खाताधारकों की तलाश कर रही है. पुलिस भर्ती बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर पेपर लीक के किसी भी दावे पर भरोसा न करें और सतर्क रहें

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