लक्जरी होटल में चल रहे ‘नकली ब्रांड’ के खेल का पर्दाफाश: क्राइम ब्रांच ने वसंत कुंज में मारा छापा, भारी मात्रा में जाली कपड़े और घड़ियाँ जब्त

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (वेस्टर्न रेंज-I) ने राजधानी के एक नामी लक्जरी होटल में चल रहे नकली ब्रांडेड कपड़ों और एक्सेसरीज के संगठित रैकेट का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह वसंत कुंज स्थित एक प्रतिष्ठित होटल में ‘डिस्काउंट सेल’ के नाम पर प्रदर्शनी लगाकर ग्राहकों को नामी ब्रांडों के नकली उत्पाद असली बताकर बेच रहा था। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में जाली रेडीमेड कपड़े, जूते, लग्जरी घड़ियाँ और लेडीज पर्स बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस ने हरियाणा के नूंह निवासी इकबाल (51) को गिरफ्तार किया है, जो इस पूरी प्रदर्शनी और बिक्री का प्रबंधन देख रहा था।

डीसीपी क्राइम पंकज कुमार ने विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि ‘ब्रांड प्रोटेक्टर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एसीपी राजकुमार के पर्यवेक्षण और इंस्पेक्टर आशीष शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने 3 मई 2026 को वसंत कुंज स्थित होटल ‘द ग्रैंड’ के बॉलरूम में छापेमारी की। वहां एक बड़े स्तर पर प्रदर्शनी चल रही थी, जहाँ पीटर इंग्लैंड, एलन सॉली, मुफ्ती, वैन ह्यूसन, जैक एंड जोन्स, केल्विन क्लाइन, ज़ारा, गैंट, यूएस पोलो और ऑरेलिया जैसे ब्रांडों के कपड़े भारी छूट पर बेचे जा रहे थे।

जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से इस रैकेट को चला रहे थे। ग्राहकों का विश्वास जीतने के लिए उन्होंने होटल के बॉलरूम जैसे महंगे वेन्यू का चुनाव किया था। मौके पर बाकायदा बिल जारी किए जा रहे थे और भुगतान के लिए पाइन लैब्स की स्वाइप मशीनों व पेटीएम, फोनपे और जीपे जैसे यूपीआई क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया जा रहा था ताकि पूरी प्रक्रिया वैध नजर आए। ग्राहकों को अक्सर यह कहकर गुमराह किया जाता था कि ये सामान ‘एक्सपोर्ट सरप्लस’ या ‘फर्स्ट कॉपी’ हैं, लेकिन उन्हें असल में जाली उत्पाद बेचे जा रहे थे।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 20 लेडीज पर्स (माइकल कोर्स), 10 लक्जरी घड़ियाँ (माइकल कोर्स, टिसोट, अरमानी एक्सचेंज और ओमेगा), 1060 एलन सॉली लोअर, 272 टी-शर्ट और सैकड़ों अन्य ब्रांडेड कपड़े जब्त किए। इसके अलावा, पुलिस ने 2,87,210 रुपये नकद, 5 स्वाइप मशीनें, कई क्यूआर कोड स्कैनर और बड़ी संख्या में बिल बुक्स व मुहरें भी बरामद की हैं। गिरफ्तार आरोपी इकबाल ने खुलासा किया कि वह मुख्य मास्टरमाइंड फारुख अहमद के निर्देश पर काम कर रहा था और उसे कुल लाभ का 8-10 प्रतिशत हिस्सा मिलता था। फारुख अहमद ही विभिन्न शहरों के बड़े होटलों में ऐसी प्रदर्शनियों का आयोजन करता है और नकली माल की आपूर्ति करता है।

पुलिस ने आरोपी इकबाल के खिलाफ बीएनएस और कॉपीराइट एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। अदालत ने आरोपी को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है ताकि इस पूरे नेक्सस और सप्लाई चेन का पता लगाया जा सके। दिल्ली पुलिस ने जनता से अपील की है कि प्रदर्शनियों और डिस्काउंट सेल के दौरान ब्रांडेड सामान खरीदते समय सावधानी बरतें और केवल अधिकृत डीलरों से ही खरीदारी करें। फिलहाल पुलिस मुख्य आरोपी फारुख अहमद और इस सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

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