पढ़ाई के साथ कर रहे थे साइबर अपराध; पुलिस ने उत्तराखंड से 5 ठगों को दबोचा, ‘म्यूल अकाउंट्स’ के जरिए करते थे करोड़ों की हेराफेरी

नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली जिले की साइबर पुलिस टीम ने ऑनलाइन निवेश और टास्क-बेस्ड धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में छापेमारी कर पांच ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो देश भर में सक्रिय साइबर अपराधियों को ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ (किराए के खाते) उपलब्ध कराते थे और ठगी की रकम को इधर-उधर करने में मदद करते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राज बच्छर (18), समीर बच्छर (21), रोहित राय (18), रोहित मिस्त्री (18) और हरीश सरकार (18) के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी छात्र हैं और उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

पूर्वी जिले के डीसीपी राजीव कुमार ने बताया कि न्यू अशोक नगर निवासी शशि रंजन भारती ने 6 अप्रैल को एक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल के रूप में झांसा दिया गया और ऑनलाइन टास्क व निवेश के बदले भारी मुनाफे का वादा किया गया। झांसे में आकर पीड़ित ने कई किस्तों में कुल ₹1,01,869 निवेश किए और ठगी का शिकार हो गए। शिकायत के आधार पर साइबर थाना में ई-एफआईआर दर्ज की गई।

जांच के दौरान साइबर विशेषज्ञों ने जब वित्तीय लेनदेन और केवाईसी रिकॉर्ड का विश्लेषण किया, तो पता चला कि ठगी गई रकम का एक बड़ा हिस्सा उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर में संचालित बैंक खातों में गया है। एसीपी ऑपरेशंस पवन कुमार के मार्गदर्शन और साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर पवन यादव के नेतृत्व में एसआई नरेश कुमार, हेड कांस्टेबल विशाल सांगवान और सुरेंद्र पाल सिंह की एक विशेष टीम उत्तराखंड भेजी गई। टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग और तकनीकी निगरानी के जरिए पांचों आरोपियों को दिनेशपुर इलाके से धर दबोचा। पूछताछ में खुलासा हुआ कि राज और समीर बच्छर अपने निजी खातों को ठगी के लिए देते थे, जबकि रोहित राय, रोहित मिस्त्री और हरीश सरकार अन्य लोगों से खाते अरेंज कर बड़े नेटवर्क को कमीशन पर सप्लाई करते थे।

यह सिंडिकेट विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर या अनजान लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था या उनके मौजूदा खातों का नियंत्रण अपने हाथ में ले लेता था। इन खातों का उपयोग साइबर ठग ‘म्यूल अकाउंट’ के रूप में करते थे ताकि पीड़ितों से लूटी गई रकम को कई खातों में घुमाया जा सके और पुलिस की पकड़ से बचा जा सके। गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपी स्नातक और स्कूली छात्र हैं, जो कम समय में पैसा कमाने के लिए इस काले कारोबार से जुड़ गए। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं और अब तक एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज कुल ₹3,40,877 की ठगी के मामलों को इनसे जोड़ा जा चुका है।

दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई के साथ ही आम जनता से अपील की है कि वे ऑनलाइन निवेश, टास्क-बेस्ड कमाई या शेयर बाजार के नाम पर मिलने वाले लुभावने प्रस्तावों से सावधान रहें। किसी भी अनजान व्हाट्सएप ग्रुप या सोशल मीडिया विज्ञापन पर भरोसा न करें और न ही अपने बैंक खाते की जानकारी किसी को दें। यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। फिलहाल पुलिस फरार सह-आरोपियों की तलाश में जुटी है।

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