जन्नत ऐप के जरिए चल रहा था क्रिकेट सट्टेबाजी पर करोड़ों का दांव, दुबई से जुड़े सिंडिकेट के चार गुर्गे गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के बाहरी जिला की एसटीएफ और थाना पश्चिम विहार ईस्ट की संयुक्त टीम ने होली के त्योहार के मद्देनजर सुरक्षा बढ़ाते हुए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में दीपांशु सरदाना (32 वर्ष) निवासी सोनीपत, एरिक गिरी (25 वर्ष) निवासी मोगा, रमनप्रीत (22 वर्ष) और हरजिंदर (24 वर्ष) निवासी श्री मुक्तसर साहिब को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 07 हाई-टेक मोबाइल फोन, 03 लैपटॉप, 06 एटीएम कार्ड, 11 सिम कार्ड, 06 बैंक पासबुक और सट्टे के हिसाब-किताब का रजिस्टर बरामद किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी दुबई में इस अवैध धंधे की ट्रेनिंग लेकर आए थे और ‘जन्नत 247’ नामक सट्टेबाजी ऐप को दुबई से ही मैनेज किया जा रहा था।

बाहरी जिले के डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि आगामी त्योहारों के दौरान संगठित अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत एसटीएफ के एसआई विनीत प्रताप को पश्चिम विहार के बी-1 ब्लॉक स्थित एक फ्लैट में अवैध सट्टेबाजी की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर एसीपी ऑपरेशंस वीरेंद्र दलाल और एसटीएफ प्रभारी इंस्पेक्टर राजपाल के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम गठित की गई। टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर चिह्नित स्थान पर छापा मारा, जहाँ आरोपी ‘जन्नत 247’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन सट्टेबाजी में सक्रिय पाए गए। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने चारों को धर दबोचा।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि इस सट्टेबाजी सिंडिकेट का संचालन दुबई से किया जाता था और आरोपियों को बाकायदा विदेश में इसके संचालन की ट्रेनिंग दी गई थी। आरोपी दीपांशु सरदाना इस गिरोह का अहम हिस्सा है जो हरियाणा और पंजाब के अन्य युवाओं के साथ मिलकर दिल्ली में अपना बेस बनाकर सट्टा ऑपरेट कर रहा था। बरामद रजिस्टर में लाखों रुपये के लेन-देन का विवरण मिला है। पुलिस ने दिल्ली सार्वजनिक जुआ अधिनियम की धारा 3/4 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।

पुलिस अब इस सिंडिकेट के वित्तीय लेन-देन और उन बैंक खातों की जांच कर रही है जिनका उपयोग सट्टे की राशि को इधर-उधर करने के लिए किया जा रहा था। साथ ही दुबई स्थित इनके हैंडलर्स के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। डीसीपी ने कहा कि त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह के असामाजिक तत्वों और सिंडिकेट्स के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। फिलहाल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है।

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