ट्यूलिप की बहार और सेल्फी का उल्लास, सीएम ने किया एनडीएमसी पुष्प महोत्सव का उद्घाटन

नई दिल्ली: कनॉट प्लेस का दिल कहा जाने वाला सेंट्रल पार्क इन दिनों रंग-बिरंगे फूलों की खुशबू और छटा से महक रहा है। मंगलवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नई दिल्ली नगरपालिका परिषद द्वारा आयोजित चार दिवसीय ‘पुष्प महोत्सव’ का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एनडीएमसी के बागवानी विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि दिल्ली को सुंदर बनाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है ताकि राजधानी की खूबसूरत तस्वीर पूरी दुनिया में फैले।

पुष्प महोत्सव का अवलोकन करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब दिल्लीवासियों को ट्यूलिप देखने के लिए कश्मीर जाना पड़ता था, लेकिन अब एनडीएमसी के प्रयासों से दिल्ली की सड़कों और पार्कों में ही ट्यूलिप की बहार दिखती है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि यह उत्सव अब केवल फूलों का उत्सव नहीं, बल्कि ‘सेल्फी फेस्टिवल’ बन गया है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यदि एनडीएमसी का इलाका फूलों से खिल सकता है, तो दिल्ली के अन्य विभागों को भी इससे सीख लेकर पूरी राजधानी को हरा-भरा बनाना चाहिए।

एनडीएमसी के चेयरमैन केशव चंद्रा ने बताया कि फाल्गुन मास में होली के आगमन के साथ नई दिल्ली को सजाने की यह परिषद की पुरानी परंपरा है। इस महोत्सव में 18 अलग-अलग सेक्शन में 48 प्रजातियों के 15,500 से अधिक गमले प्रदर्शित किए गए हैं। डहलिया, पेटुनिया, पैंसी, साल्विया और मैरीगोल्ड जैसे मौसमी फूलों के साथ-साथ जानवरों व पक्षियों के फूलों से बने आकार (टोपियरी) आकर्षण का केंद्र हैं। इसके अलावा, शाम के समय म्यूजिकल फाउंटेन और विशेष लाइटिंग पार्क की सुंदरता में चार चांद लगा रहे हैं।

परिषद के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ के विजन के अनुरूप एनडीएमसी नई दिल्ली को विश्व स्तरीय मानकों पर तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि जी-20 और एआई समिट जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान बागवानी विभाग ने अपनी मेहनत से देश की इज्जत बढ़ाई है। यह महोत्सव न केवल सुंदरता का प्रतीक है, बल्कि पर्यावरण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

यह महोत्सव शुक्रवार (06 मार्च) तक जनता के लिए खुला रहेगा और इसमें प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क है। यहाँ आने वाले आगंतुक न केवल फूलों की कलाकृतियों और ‘ट्रे गार्डन’ का आनंद ले सकते हैं, बल्कि विभिन्न स्टॉल्स से अपनी पसंद के पौधे, बोनसाई, खाद, बीज और बागवानी से जुड़ी मशीनरी भी खरीद सकते हैं। परिषद के सचिव राहुल सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे वसंत के इस मौसम में प्रकृति के इस सजीव प्रदर्शन का आनंद लेने जरूर आएं।

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