क्रिप्टो करेंसी खरीदने के बहाने बुलाकर लूटने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, पुलिस बनकर देते थे वारदात को अंजाम

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के उत्तर-पश्चिम जिला की थाना सुभाष प्लेस टीम ने एक बड़े अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो लोगों को सस्ते दामों पर क्रिप्टो करेंसी बेचने का लालच देकर उन्हें लूट लेता था। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान अनीश खान (60 वर्ष) निवासी आजादपुर, सऊद आलम (46 वर्ष) निवासी मंगोलपुरी, मो. हारून (55 वर्ष) निवासी नांगलोई और गुड्डू उर्फ अब्दुल कादिर (40 वर्ष) निवासी मुंबई के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई राशि में से ₹15,000 नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई 02 मोटरसाइकिलें बरामद कर ली हैं। गिरफ्तार आरोपियों में से अनीश खान थाना आदर्श नगर का घोषित अपराधी है और उस पर पहले से रंगदारी, लूट और चोरी के 10 मामले दर्ज हैं।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (उत्तर-पश्चिम जिला) भीष्म सिंह ने बताया कि 24 फरवरी को सराय रोहिल्ला निवासी सुभाष चंद ने लूट की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित को नेताजी सुभाष प्लेस में क्रिप्टो करेंसी के लेनदेन के बहाने बुलाया गया था। वहां आरोपियों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर और पीड़ित के मन में डर पैदा कर उससे नकदी लूट ली और फरार हो गए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसीपी सृष्टि भट्ट और थाना प्रभारी इंस्पेक्टर तेज पाल सिंह के नेतृत्व में एसआई परवीन दहिया, हेड कांस्टेबल नवीन, मनोज, परवेश और कांस्टेबल मोहित व श्यामवीर की एक विशेष टीम गठित की गई।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय किया। तकनीकी निगरानी के आधार पर सबसे पहले आरोपी अनीश खान की पहचान हुई, जिसे 26 फरवरी को दबोच लिया गया। इसके बाद अनीश की निशानदेही पर एनएसपी इलाके से ही सऊद आलम, मो. हारून और मुंबई से आए गुड्डू उर्फ अब्दुल कादिर को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वे इसी तरह की दूसरी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। गुड्डू इस गिरोह में दिल्ली और मुंबई के अपराधियों के बीच मुख्य कड़ी का काम करता था।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि इस पूरी साजिश के पीछे मुंबई के रहने वाले विष्णु व नीलेश और दिल्ली का बाबा सुलेमानी शामिल हैं। ये लोग सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से ऐसे लोगों की तलाश करते थे जो क्रिप्टो करेंसी खरीदना चाहते हों। पीड़ित को मौके पर बुलाने के बाद गिरोह के कुछ सदस्य पुलिस अधिकारी बनकर आते थे और अवैध लेनदेन का डर दिखाकर सारा पैसा लूट लेते थे। पुलिस अब इस गिरोह के फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन्होंने अब तक और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।

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