वजीरपुर से चोरी हुआ ट्रक 300 किमी दूर मध्य प्रदेश के मुरैना में मात्र एक घंटे में बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के उत्तर-पश्चिम जिला की अशोक विहार थाना टीम ने आधुनिक पुलिसिंग और शानदार अंतरराज्यीय समन्वय की मिसाल पेश करते हुए महज एक घंटे के भीतर चोरी हुआ ट्रक बरामद कर लिया है। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और रियल-टाइम जीपीएस ट्रैकिंग की मदद से दिल्ली से चोरी हुए इस ट्रक को 300 किलोमीटर दूर मुरैना (मध्य प्रदेश) में लोकेट किया। इस ऑपरेशन में किसी आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के बजाय पुलिस का पूरा ध्यान संपत्ति की बरामदगी पर रहा, जिसमें मध्य प्रदेश पुलिस की पीसीआर वैन का विशेष सहयोग मिला। पुलिस ने रिकॉर्ड समय में चोरी किया गया ट्रक सफलतापूर्वक बरामद कर लिया है, जिससे अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह की कोशिशें नाकाम हो गई हैं।

उत्तर-पश्चिम जिले के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भीष्म सिंह ने बताया कि 28 फरवरी को वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र के कट्टर मार्केट से एक ट्रक चोरी होने की पीसीआर कॉल मिली थी। पीड़ित ने पुलिस को जानकारी दी कि उसके ट्रक में जीपीएस लगा हुआ है और उसकी लाइव लोकेशन आगरा के पास दिख रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसीपी आकाश रावत और थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी एसआई रोहित चाहर, एएसआई रामरूप और हेड कांस्टेबल दिनेश की एक विशेष टीम गठित की गई।

जांच टीम ने बिना समय गंवाए वैज्ञानिक तरीके से ट्रक की गति और भागने के मार्ग का विश्लेषण किया। दिल्ली पुलिस ने तुरंत मध्य प्रदेश के मुरैना जिला कंट्रोल रूम से संपर्क साधा और वहां तैनात 112 आपातकालीन वाहनों को अलर्ट किया। पहली पीसीआर वैन के पहुंचने से पहले ट्रक वहां से निकल चुका था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने जीपीएस डेटा का पुनः सटीक आकलन कर नई लोकेशन साझा की। इस त्वरित और सटीक सूचना के आधार पर मुरैना की दूसरी पीसीआर वैन ने ट्रक को एक पार्किंग क्षेत्र में घेर लिया और उसे आगे बढ़ने से रोक दिया।

यह पूरी कार्रवाई उस समय और भी चुनौतीपूर्ण थी जब वाहन दिल्ली से 300 किलोमीटर का सफर तय कर चुका था, लेकिन अशोक विहार पुलिस की तकनीकी सटीकता और मुरैना पुलिस की सक्रियता से यह मिशन मात्र 60 मिनट में पूरा कर लिया गया। पुलिस के इस तालमेल ने साबित कर दिया कि आधुनिक तकनीक और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से अपराध की सीमाओं को तोड़ा जा सकता है। फिलहाल दिल्ली पुलिस आरोपियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए तकनीकी साक्ष्यों को खंगाल रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More