दिल्ली पुलिस का ‘ऑपरेशन मिलाप’ सफल; फरवरी में 118 लापता लोगों को अपनों से मिलाया

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के दक्षिण-पश्चिम जिला ने ‘ऑपरेशन मिलाप’ के तहत एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए महज एक महीने (फरवरी 2026) के भीतर कुल 118 लापता व्यक्तियों को उनके परिवारों से सुरक्षित मिलाया है। इस सफल अभियान के दौरान पुलिस ने 31 लापता/अपहृत बच्चों और 87 वयस्कों को दिल्ली और आसपास के इलाकों से बरामद किया। पुलिस की इस कार्रवाई में किसी आरोपी की गिरफ्तारी के बजाय मानवीय दृष्टिकोण और तकनीकी निगरानी पर जोर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप इस साल (1 जनवरी से 28 फरवरी तक) अब तक कुल 193 लोगों (59 बच्चे और 134 वयस्क) की घर वापसी सुनिश्चित की गई है। बरामद किए गए बच्चों में अधिकांश 1 से 18 वर्ष के आयु वर्ग के हैं।

दक्षिण-पश्चिम जिले के डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि लापता व्यक्तियों की रिपोर्ट मिलते ही स्थानीय पुलिस ने त्वरित खोज अभियान शुरू किया। पुलिस टीमों ने प्रोफेशनल रुख अपनाते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाले और लापता बच्चों व वयस्कों की तस्वीरें ऑटो स्टैंड, ई-रिक्शा स्टैंड, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर प्रदर्शित कीं। इसके अलावा, बस ड्राइवरों, कंडक्टरों और स्थानीय विक्रेताओं से पूछताछ की गई और अस्पतालों व अन्य थानों के रिकॉर्ड की गहन जांच की गई। स्थानीय मुखबिरों की मदद से पुलिस उन ठिकानों तक पहुँची जहाँ लापता लोग भटक रहे थे या उन्हें रखा गया था।

विभिन्न थानों की उपलब्धियों का विवरण देते हुए डीसीपी ने बताया कि थाना कपासेड़ा की टीम ने सर्वाधिक 9 नाबालिग बच्चों और 15 वयस्कों को बरामद किया। वहीं, थाना पालम विलेज ने 6 बच्चों व 11 वयस्कों, और थाना सागरपुर ने 5 नाबालिग लड़कियों व 11 वयस्कों को सुरक्षित तलाशा। थाना वसंत विहार ने 9, वसंत कुंज (नॉर्थ व साउथ) ने क्रमशः 9 और 9, और आर.के. पुरम की टीम ने एक नाबालिग लड़के सहित 7 लोगों को उनके परिजनों को सौंपा। सफदरजंग एन्क्लेव पुलिस ने भी सराहनीय कार्य करते हुए 13 वयस्कों और एक बच्ची को बरामद किया।

‘ऑपरेशन मिलाप’ के तहत दिल्ली पुलिस की इस मानवीय पहल ने कई शोक संतप्त परिवारों को बड़ी राहत पहुँचाई है। पुलिस की टीमों ने न केवल गुमशुदा लोगों को ट्रैक किया, बल्कि उनके परिवारों के साथ काउंसलिंग कर उन्हें सुरक्षित घर वापस भेजा। दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा है कि समाज के कमजोर वर्गों और बच्चों की सुरक्षा के लिए इस तरह के अभियान भविष्य में भी प्राथमिकता के आधार पर जारी रहेंगे। पुलिस की इस तत्परता और संवेदनशीलता की स्थानीय निवासियों ने भी काफी सराहना की है।

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