नरेला में मिट्टी धंसने और अस्थाई दीवार गिरने से दो मजदूरों की मौत, एफआईआर दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच

नई दिल्ली: दिल्ली के नरेला इंडस्ट्रियल एरिया में शुक्रवार दोपहर एक निर्माणाधीन साइट पर बड़ी लापरवाही सामने आई है। भोरगढ़ फेज-2 स्थित एक फैक्ट्री में निर्माण कार्य के दौरान अचानक मिट्टी धंसने और एक अस्थाई दीवार गिरने से दो मजदूरों की मलबे में दबकर दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान 25 वर्षीय अजय और 45 वर्षीय राम मिलन के रूप में हुई है। पुलिस ने इस मामले में फैक्ट्री प्रबंधन और ठेकेदार के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 12:15 बजे फैक्ट्री नंबर L-246/247 के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शी रामपाल अहिरवार ने बताया कि काली माता मंदिर के पास नाले के निकट निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान वहां मौजूद कच्ची मिट्टी और एक अस्थाई ढांचा अचानक ढह गया, जिसकी चपेट में आकर वहां काम कर रहे अजय और राम मिलन पूरी तरह मलबे के नीचे दब गए। वहां मौजूद अन्य कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला।

हादसे के बाद दोनों घायलों को अचेत अवस्था में तुरंत नरेला स्थित सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत अवस्था में लाया गया घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया, जहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने और असुरक्षित निर्माण कार्य के स्पष्ट साक्ष्य मिले। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए बाबू जगजीवन राम अस्पताल, जहांगीरपुरी की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया गया है।

नरेला इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) और 290 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या मजदूरों को सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए गए थे और क्या वहां कोई सुरक्षा सुपरवाइजर मौजूद था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर ठेकेदार और फैक्ट्री प्रबंधन की जिम्मेदारी तय कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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