कौशल चौधरी गैंग के मुख्य शूटर को क्राइम ब्रांच ने किया गिरफ्तार, बुराड़ी के कारोबारी की हत्या की साजिश का हुआ पर्दाफाश

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी-गैंगस्टर स्क्वाड ने कौशल चौधरी गैंग के एक खूंखार शूटर को गिरफ्तार कर बुराड़ी के एक बड़े कारोबारी की हत्या की सनसनीखेज साजिश को नाकाम कर दिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान भलस्वा डेयरी निवासी कुलदीप सिंह (22) के रूप में हुई है। आरोपी के कब्जे से एक PX-30 ऑटोमेटिक पिस्टल, एक 7.65 एमएम की लोडेड पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। यह शूटर विदेश में बैठे गैंगस्टर पवन शौकीन और गुरदीप उर्फ पाजी के इशारे पर दिल्ली में रंगदारी का वर्चस्व स्थापित करने के लिए हत्या की वारदात को अंजाम देने वाला था।

डीसीपी क्राइम हर्ष इंदोरा ने बताया कि राजधानी में संगठित अपराध और रंगदारी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए एसीपी/AGS भगवती प्रसाद के पर्यवेक्षण और इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। 7 फरवरी को एसआई अगम को गुप्त सूचना मिली कि कौशल चौधरी गैंग का एक शूटर द्वारका इलाके में आने वाला है। सूचना मिलते ही नर्सरी रोड, द्वारका सेक्टर-17 के पास जाल बिछाया गया। पुलिस टीम ने स्कूटी पर सवार कुलदीप को रुकने का इशारा किया, तो उसने भागने की कोशिश की, लेकिन सतर्क टीम ने उसे घेराबंदी कर दबोच लिया। जांच में पता चला कि वह जिस स्कूटी का इस्तेमाल कर रहा था, वह उत्तर प्रदेश के मुराद नगर से चोरी की गई थी।

सघन पूछताछ के दौरान आरोपी कुलदीप ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह पुर्तगाल में बैठे गुरमीत उर्फ पाजी और विदेश में सक्रिय पवन शौकीन के साथ एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए लगातार संपर्क में था। इन गैंगस्टरों ने उसे बुराड़ी के एक व्यापारी की हत्या का काम सौंपा था ताकि इलाके में गैंग की दहशत फैलाई जा सके और संगठित रंगदारी का नेटवर्क चलाया जा सके। कुलदीप इसके लिए व्यापारी की रेकी भी कर चुका था। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि उसे ये अत्याधुनिक हथियार हरियाणा के अंबाला से सप्लाई किए गए थे, जिनका एक हिस्सा उसने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भी पहुँचाया था।

आरोपी कुलदीप सिंह पहले भी कई गंभीर वारदातों में शामिल रहा है। साल 2024 में उसने पंजाब के होशियारपुर में एक क्लॉथ हाउस पर फायरिंग कर 15 करोड़ की रंगदारी मांगी थी और इसी तरह की एक अन्य वारदात में 25 करोड़ की फिरौती के लिए फायरिंग की थी। वह अगस्त 2025 में ही जेल से जमानत पर बाहर आया था। ग्रेजुएशन ड्रॉपआउट कुलदीप साल 2019 में पिता की हत्या के बाद बुरी संगत में पड़ गया था। पुलिस अब इस पूरे सिंडिकेट के अन्य सदस्यों और हथियारों की सप्लाई चैन का पता लगाने के लिए उत्तर प्रदेश और पंजाब के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More