वेस्ट दिल्ली में अवैध दवा सप्लाई रैकेट का भंडाफोड़: ANTF ने दो मेडिकल स्टोर मालिकों को दबोचा, भारी मात्रा में ट्रामाडोल और कोडीन सिरप बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने फार्मास्युटिकल दवाओं के अवैध डायवर्जन और तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने पश्चिम दिल्ली और बाहरी दिल्ली के इलाकों में सक्रिय एक संगठित सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए दो मेडिकल स्टोर मालिकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल और कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद किया गया है।

डीसीपी/ANTF संजीव कुमार यादव ने बताया कि एसीपी सत्येंद्र मोहन के पर्यवेक्षण और इंस्पेक्टर राकेश दुहान के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। 22 सितंबर 2025 को खुफिया जानकारी मिली कि पीरागढ़ी स्थित ‘शिवम मेडिकोज’ का मालिक विनय मल्होत्रा भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाओं का स्टॉक रखे हुए है और उन्हें अवैध रूप से सप्लाई कर रहा है। सूचना मिलते ही ड्रग इंस्पेक्टर मोहम्मद हामिद के साथ टीम ने शिवम मेडिकोज पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान दुकान से 3,360 ट्रामाडोल कैप्सूल और 84 बोतल कोडीन फास्फेट सिरप बरामद हुई। आरोपी इन दवाओं के लिए कोई भी वैध बिल या डॉक्टर का पर्चा पेश नहीं कर सका, जिसके बाद उसे एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।

सघन पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी विनय मल्होत्रा ने खुलासा किया कि वह यह प्रतिबंधित स्टॉक रघुबीर नगर स्थित ‘अग्रवाल मेडीप्लस’ के मालिक चंदन बंसल से मंगवाता था। इस जानकारी के बाद एसआई कृष्णा की टीम ने गहन जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि चंदन बंसल फर्जी वित्तीय रिकॉर्ड बनाकर और बिना किसी मांग पत्र के इन प्रतिबंधित दवाओं को सप्लाई कर रहा था। उसने रिकॉर्ड में हेराफेरी कर कई ऐसी फर्मों के नाम पर दवाएं बेचीं, जिन्होंने कभी उसे ऑर्डर ही नहीं दिया था। पर्याप्त सबूत जुटाने के बाद, 11 फरवरी 2026 को चंदन बंसल को भी जांच में शामिल कर गिरफ्तार कर लिया गया।

पकड़ा गया मुख्य आरोपी विनय मल्होत्रा (47 वर्ष) 2004 से मेडिकल ट्रेड में सक्रिय है और अधिक मुनाफे के लालच में अवैध तरीके से प्रतिबंधित दवाएं बेचता था। वहीं, दूसरा आरोपी चंदन बंसल (40 वर्ष) पिछले 15 वर्षों से दवा व्यवसाय से जुड़ा है और इस अवैध नेटवर्क की प्रमुख कड़ी पाया गया है। पुलिस फिलहाल इस अंतरराज्यीय सप्लाई चेन के अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी है।

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