बवाना में कारोबारी की हत्या का मामला सुलझा, मुठभेड़ के बाद मुख्य शूटर सहित 5 गिरफ्तार

नई दिल्ली: बाहरी-उत्तरी दिल्ली की बवाना थाना पुलिस ने क्षेत्र के एक नामी कारोबारी वैभव गांधी की सनसनीखेज हत्या के मामले को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड और मुख्य शूटर सहित कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोचा, जिसने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक .32 बोर की सोफिस्टिकेटेड पिस्टल, दो खाली खोखे, दो जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है।

स्पेशल सीपी रविंद्र यादव ने बताया कि 9 फरवरी की सुबह करीब 11:45 बजे बवाना के सेक्टर-4 स्थित DSIIDC इलाके में फैक्ट्री नंबर J-133 के पास कारोबारी वैभव गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वैभव को तुरंत एमवी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस संबंध में बवाना थाने में धारा 103(1), 309(6), 3(5) BNS और आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। वारदात के अगले दिन सोशल मीडिया पर अमेरिका स्थित गैंगस्टर रणदीप मलिक और अनिल पंडित के नाम से एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें उन्होंने हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि कारोबारी उनके मामलों में दखल दे रहा था। हालांकि, पुलिस जांच में यह दावा महज गुमराह करने की कोशिश निकला।

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल सीपी रविंद्र यादव, जॉइंट सीपी विजय सिंह और डीसीपी हरेश्वर स्वामी के मार्गदर्शन में एसीपी जोगिंदर सिंह और एसएचओ बवाना अखिलेश की टीम ने सघन जांच शुरू की। पुलिस टीमों ने दिल्ली-एनसीआर के लगभग 1000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी सर्विलांस की मदद ली। गहन पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी रविंद्र उर्फ रवि, जो पहले एक अन्य व्यवसायी के पास ड्राइवर का काम करता था, वह वैभव गांधी के ऑफिस में पैसों के लेनदेन के लिए आता-जाता था। रवि ने ही कैश की जानकारी शातिर अपराधी संजय उर्फ ‘ताऊ’ (जिस पर 50 से ज्यादा मामले दर्ज हैं) को दी। ताऊ ने इसके बाद अरुण उर्फ पागल और अन्य अपराधियों के साथ मिलकर लूट और हत्या की साजिश रची।

पुलिस ने सबसे पहले सुल्तानपुरी इलाके से मास्टरमाइंड संजय ताऊ और मुखबिर रवि को गिरफ्तार किया। इनकी निशानदेही पर संदीप पुजारी और हरीश कुमार उर्फ सोनू को भी दबोच लिया गया। इसी बीच 14 फरवरी की रात करीब 11:30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि मुख्य शूटर अरुण बिना नंबर की बाइक से आने वाला है। पुलिस ने घेराबंदी की तो अरुण ने पुलिस टीम पर दो राउंड फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिसमें अरुण घायल हो गया और उसे मौके पर ही दबोच लिया गया। डीसीपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है और फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है ताकि अन्य फरार आरोपियों तक पहुंचा जा सके।

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