एनडीपीएस मामले में वांछित घोषित अपराधी को क्राइम ब्रांच ने किया गिरफ्तार, गाजियाबाद के राज नगर एक्सटेंशन से पकड़ा गया आरोपी

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (सेंट्रल रेंज) ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अपनी मुहिम को तेज करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने प्रशांत विहार थाने में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक गंभीर मामले में वांछित और अदालत द्वारा घोषित अपराधी अमित खन्ना को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान 48 वर्षीय अमित खन्ना के रूप में हुई है, जो दिल्ली के मॉडल टाउन-III का रहने वाला है। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में छिपकर रह रहा था, जिसे क्राइम ब्रांच की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर सफलतापूर्वक दबोच लिया।

डीसीपी क्राइम विक्रम सिंह ने बताया कि यह गिरफ्तारी वर्ष 2024 में थाना प्रशांत विहार में दर्ज नशीले पदार्थों की तस्करी के एक मामले के संबंध में की गई है। इस मामले में आरोपी अमित खन्ना काफी समय से फरार चल रहा था, जिसके चलते माननीय न्यायालय ने 3 सितंबर 2025 को उसे आधिकारिक तौर पर ‘घोषित अपराधी’ करार दिया था। एडिशनल डीसीपी राजबीर मलिक के दिशा-निर्देशों पर इंस्पेक्टर विनय कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी, जो भगोड़े अपराधियों की तलाश में जुटी थी।

14 फरवरी को क्राइम ब्रांच की टीम को एक सटीक और विश्वसनीय जानकारी मिली कि घोषित अपराधी अमित खन्ना गाजियाबाद के राज नगर एक्सटेंशन स्थित एस.जी. इम्प्रेशन प्लस अपार्टमेंट के पास आने वाला है। सूचना मिलते ही एसआई मोहित आसिवाल के नेतृत्व में एसआई दिनेश, एएसआई दीपक और महिला कांस्टेबल रानी यादव की एक रेडिंग टीम तैयार की गई। टीम ने बताए गए स्थान पर पहुँचकर गुप्त निगरानी शुरू कर दी। शाम करीब 4:30 बजे जैसे ही मुखबिर के बताए हुलिए वाला व्यक्ति वहां पहुँचा, पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे चारों तरफ से घेरकर पकड़ लिया।

सघन पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपनी पहचान अमित खन्ना के रूप में स्वीकार की। कानूनी प्रक्रियाओं और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद यह पुष्टि हुई कि वह वही आरोपी है जिसे अदालत ने भगोड़ा घोषित किया था। पुलिस ने आरोपी को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(1) के तहत गिरफ्तार कर लिया है। क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फरारी के दौरान वह किन अन्य लोगों के संपर्क में था और क्या वह अभी भी नार्कोटिक्स तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More