डांट से नाराज चेले ने गुरु के गहने और नकदी पर किया हाथ साफ, राजौरी गार्डन पुलिस ने दबोचा

नई दिल्ली: दिल्ली के पश्चिमी जिला पुलिस की राजौरी गार्डन थाना टीम ने एक सनसनीखेज चोरी के मामले को सुलझाते हुए करीब 440 ग्राम सोने के आभूषण और नकदी बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में महाराष्ट्र के नागपुर निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने दिल्ली में एक समारोह के दौरान अपने ही गुरु के बैग से लाखों के जेवरात उड़ा दिए थे। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए चोरी की गई कुल संपत्ति का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा सफलतापूर्वक बरामद कर लिया है।

डीसीपी वेस्ट दरडे शरद भास्कर ने बताया कि यह मामला 4 फरवरी को महाराष्ट्र के यवतमाल निवासी एक ट्रांसजेंडर की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह अपने शिष्य के साथ राजौरी गार्डन स्थित क्वात्रा टेंट में एक ट्रांसजेंडर समारोह में शामिल होने आई थी। 2 फरवरी को जब वह पंचायत में हिस्सा लेने गई, तभी उसके शिष्य ने बैग में रखे लगभग 440 ग्राम सोने के गहने और 40 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए और मौके से फरार हो गया। इस संबंध में थाना राजौरी गार्डन में बीएनएस की धारा 305(ए) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी वेस्ट दरडे शरद भास्कर के निर्देशन और एसीपी राजौरी गार्डन नीरज टोकस के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी रविंदर जोशी के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। इस टीम में एसआई रवि नरवाल, कांस्टेबल पंकज और महिला कांस्टेबल सुरेखा शामिल थे। जांच टीम ने सबसे पहले आरोपी के नागपुर स्थित आवास पर छापेमारी की, लेकिन वह वहां नहीं मिला। इसके बाद तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी के माध्यम से आरोपी का पीछा किया गया। लगातार चार दिनों की मशक्कत और पीछा करने के बाद पुलिस ने आरोपी कुंदन अनिल पाटिल (25) को धर दबोचा।

डीसीपी ने बताया कि सघन पूछताछ के दौरान आरोपी कुंदन ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने खुलासा किया कि वह अपने गुरु द्वारा डांटे जाने से नाराज था और इसी का बदला लेने के लिए उसने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए सोने के हार, बाजूबंद, कान की बालियां, अंगूठियां, सोने की चेन और 41,000 रुपये नकद बरामद किए हैं। आरोपी फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की आगे की जांच की जा रही है ताकि चोरी के बाकी सामान का भी पता लगाया जा सके।

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