एएटीएस वेस्ट ने ठगी के मामले में वांछित घोषित अपराधी को किया गिरफ्तार, आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज हैं 19 आपराधिक मामले

नई दिल्ली: दिल्ली के पश्चिमी जिला पुलिस की एएटीएस टीम ने भगोड़े और घोषित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने ठगी के एक पुराने मामले में वांछित और अदालत द्वारा घोषित अपराधी शंकर (30) को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी दिल्ली के विभिन्न थानों में दर्ज जालसाजी और अन्य अपराधों के कुल 19 मामलों में संलिप्त रहा है। पुलिस टीम ने एक सघन तलाशी अभियान और तकनीकी निगरानी के बाद आरोपी को उसके विकास नगर स्थित आवास से धर दबोचा।

डीसीपी वेस्ट दरडे शरद भास्कर ने बताया कि यह गिरफ्तारी वर्ष 2018 में थाना मियावाली नगर (अब पश्चिम विहार वेस्ट) में दर्ज जालसाजी के एक मामले के संबंध में की गई है। इस मामले में आरोपी शंकर लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसके चलते तीस हजारी कोर्ट के विद्वान मजिस्ट्रेट द्वारा 20 सितंबर 2022 को उसे आधिकारिक तौर पर ‘घोषित अपराधी’ करार दिया गया था। कोर्ट के निर्देशों और अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एक समर्पित टीम का गठन किया गया था।

एसीपी ऑपरेशंस विजय सिंह के पर्यवेक्षण में इंचार्ज एएटीएस इंस्पेक्टर मुकेश मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। इस टीम में हेड कांस्टेबल प्रदीप, राम निवास और राज कुमार को शामिल किया गया था। जांच टीम ने आरोपी की गतिविधियों पर निरंतर नजर रखी और गुप्त सूचनाएं विकसित कीं। 13 फरवरी को टीम को सूचना मिली कि आरोपी विकास नगर इलाके में अपने घर के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस ने रणनीतिक जाल बिछाया और मुखबिर की पहचान पर शंकर को सफलतापूर्वक काबू कर लिया।

डीसीपी ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी शंकर, उत्तम नगर के विकास नगर का रहने वाला है। पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि वह एक शातिर और आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में ठगी के कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। एएटीएस टीम द्वारा की गई इस गिरफ्तारी से न केवल मियावाली नगर का एक लंबा लंबित मामला सुलझ गया है, बल्कि इलाके के अन्य अपराधियों में भी भय का माहौल है। पुलिस फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि उसके अन्य सहयोगियों और आपराधिक कड़ियों का पता लगाया जा सके।

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