आई.पी. एस्टेट थाना पुलिस का मानवीय चेहरा: अपनी कार से घायल को अस्पताल ले गए दरोगा, बचाई जान, चाकूबाजी कर हिमाचल भाग रहे चार गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के आई.पी. एस्टेट इलाके में पुरानी रंजिश के चलते एक व्यक्ति पर ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला करने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की मुस्तैदी न केवल आरोपियों को दबोचने में दिखी, बल्कि एक सब-इंस्पेक्टर ने घायल को लहूलुहान हालत में अपनी निजी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाकर इंसानियत की मिसाल भी पेश की। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी नोनू उर्फ शिवम समेत उसका पिता और अन्य साथी शामिल हैं।

सेंट्रल जिले के डीसीपी अनंत मित्तल ने बताया कि आई.पी. एस्टेट थाने को एक झगड़े और चाकूबाजी की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचे सब-इंस्पेक्टर गौरव दलाल ने देखा कि घायल व्यक्ति की हालत बेहद नाजुक है और शरीर से काफी खून बह रहा है। एम्बुलेंस का इंतजार किए बिना एसआई गौरव ने घायल को तुरंत अपनी निजी कार में डाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई। पुलिस ने इस मामले में धारा 109(1)/3(5) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया।

वारदात को सुलझाने के लिए थाना प्रभारी घनश्याम किशोर के नेतृत्व में एसआई गौरव दलाल, हेड कांस्टेबल ललित और कांस्टेबल प्रकाश समेत एक विशेष टीम का गठन किया गया। जांच में पता चला कि पीड़ित पर उसके पड़ोसी राजकुमार, नोनू उर्फ शिवम, विशाल और एक किशोर ने हमला किया है। पुलिस ने जब इनका पीछा शुरू किया, तो पता चला कि आरोपी दिल्ली छोड़कर हिमाचल प्रदेश भागने की फिराक में हैं। पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से पीछा करते हुए चारों को हरियाणा के करनाल से उस वक्त दबोच लिया जब वे राज्य की सीमा पार करने ही वाले थे।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी नोनू उर्फ शिवम का पीड़ित के साथ काफी समय से विवाद चल रहा था। नोनू इलाके में शोर मचाने और कबूतर उड़ाने जैसी हरकतों से अक्सर विवाद पैदा करता था। वारदात के बाद आरोपियों ने हमले में इस्तेमाल दो चाकू आईटीओ के पास एक गहरे नाले में फेंक दिए थे, जिन्हें पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद बरामद कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में से कुछ का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है।

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