साइबर माफिया के ‘डिजिटल किले’ पर दिल्ली पुलिस का सर्जिकल स्ट्राइक, 10 राज्यों में की छापेमारी में 955 ठग गिरफ्तार

नई दिल्ली: देश की राजधानी को डिजिटल अपराधों से सुरक्षित करने के अपने संकल्प के साथ दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराधियों के अंतरराज्यीय सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है। 5 और 6 फरवरी 2026 को चलाए गए ‘ऑपरेशन साईहॉक 3.0’ के तहत दिल्ली पुलिस ने एक साथ 10 से अधिक राज्यों में दबिश दी। पिछले चार महीनों में यह इस तरह का तीसरा बड़ा अभियान है, जो साइबर धोखाधड़ी के इकोसिस्टम को पूरी तरह ध्वस्त करने की दिल्ली पुलिस की निरंतर रणनीति का हिस्सा है। इस ऑपरेशन में 5,000 से अधिक पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया, जिसके परिणामस्वरूप 6,552 संदिग्धों को घेरे में लिया गया और 2,563 जालसाजों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की गई।

₹627 करोड़ के फर्जीवाड़े का खुलासा और भारी बरामदगी

जॉइंट सीपी (IFSO) रजनीश गुप्ता ने बताया कि यह ऑपरेशन केवल गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने साइबर अपराध के उस आर्थिक और डिजिटल ढांचे पर प्रहार किया है जो नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ था। पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए कुल ₹627 करोड़ रुपये के वित्तीय गबन की कड़ियों को सुलझाने में सफलता प्राप्त की है। इस अभियान के दौरान नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल की 3,180 शिकायतों को इन गिरोहों से जोड़ा गया, जिससे 299 नई एफआईआर दर्ज हुईं और 262 पुराने मामलों में अपराधियों की संलिप्तता उजागर हुई। छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में डिजिटल डिवाइस और सिम कार्ड के साथ-साथ नकद, सोना, कीमती धातुएं और क्रिप्टोकरेंसी भी बरामद की गई है।

असम की पहाड़ियों से केरल के तटों तक बिछाया जाल

रजनीश गुप्ता ने बताया कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीमों ने भौगोलिक सीमाओं को लांघते हुए उत्तर में पंजाब-हरियाणा से लेकर दक्षिण में केरल तक और पूर्व में असम-अरुणाचल से लेकर पश्चिम में गुजरात-राजस्थान तक छापेमारी की। इस दौरान निवेश धोखाधड़ी, जॉब फ्रॉड और म्यूल अकाउंट्स चलाने वाले कई अंतरराज्यीय गिरोहों का पर्दाफाश हुआ। एक विशेष मामले में, फर्जी आरटीओ एप्लीकेशन लिंक के जरिए ठगी करने वाले गिरोह से ₹22 लाख नकद, विदेशी मुद्रा और 1.8 किलोग्राम से अधिक सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए गए। वहीं, एक अन्य मामले में ₹19.28 करोड़ के निवेश फर्जीवाड़े को अंजाम देने वाले गिरोह से 92 सिम कार्ड, 37 मोबाइल फोन और 39 चेक बुक जब्त की गईं।

म्यूल अकाउंट्स और डिजिटल बुनियादी ढांचे पर प्रहार

ऑपरेशन का मुख्य केंद्र उन ‘म्यूल अकाउंट्स’ और डिजिटल बिचौलियों को रोकना था, जो ठगी की राशि को सुरक्षित ठिकाने तक पहुँचाने का जरिया बनते हैं। दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा ने इस सफलता पर कहा कि ‘साईहॉक 3.0’ साइबर अपराधियों को एक सख्त संदेश है कि पुलिस उनके खिलाफ निर्णायक और निरंतर कार्रवाई करने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियानों से न केवल ठगों में डर पैदा होगा, बल्कि जनता का पुलिस और साइबर सुरक्षा प्रणालियों पर विश्वास भी मजबूत होगा।

नागरिकों के लिए सुरक्षा मंत्र: ‘STOP-THINK-ACT’

जॉइंट सीपी रजनीश गुप्ता ने जनता को सचेत करते हुए ‘डिजिटल सेफ्टी मंत्र’ का पालन करने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पुलिस अधिकारी, सरकारी एजेंसी या अदालत फोन या वीडियो कॉल पर पैसे की मांग नहीं करती और न ही किसी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ करती है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे किसी भी संदेहास्पद कॉल की सूचना तुरंत 1930 हेल्पलाइन या ‘संचार साथी’ पोर्टल पर दें। दिल्ली के प्रत्येक थाने में स्थापित ‘इंटीग्रेटेड हेल्प डेस्क’ पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करने और धोखाधड़ी के लेनदेन को समय रहते फ्रीज करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More