नेपाल और बांग्लादेश तक फैला मोबाइल चोरी का जाल; सरोजिनी नगर पुलिस ने रैकेट का भंडाफोड़ कर मालिकों को सौंपे 46 फोन

नई दिल्ली: दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस की सरोजिनी नगर थाना टीम ने मोबाइल चोरी के एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने झारखंड के साहबगंज जिले से संचालित होने वाले इस रैकेट के एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है और एक किशोर को अभिरक्षा में लिया है। इनके पास से पुलिस ने 46 महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिन्हें नेपाल और बांग्लादेश भेजने की तैयारी थी।

दक्षिण-पश्चिम जिले के डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि सरोजिनी नगर मार्केट में लगातार हो रही मोबाइल चोरी की शिकायतों के बाद इंस्पेक्टर अतुल त्यागी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। सीसीटीवी फुटेज और मानवीय सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने सबसे पहले एक 15 वर्षीय किशोर को दबोचा। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह चोरी किए गए फोन गाजीपुर (पूर्वी दिल्ली) में रहने वाले अभिषेक कुमार उर्फ शुभम (27) को सौंप देता था।

पुलिस टीम ने गाजीपुर स्थित किराए के मकान पर छापेमारी कर अभिषेक कुमार को गिरफ्तार किया। वहां से 34 चोरी के मोबाइल फोन और 23 मोबाइल कवर बरामद हुए। इसके अलावा, पुलिस ने तकनीक और CEIR पोर्टल का प्रभावी उपयोग करते हुए 12 अन्य मोबाइल फोन भी ट्रेस किए। बरामद कुल 46 फोन में 13 आईफोन शामिल हैं। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, सरोजिनी नगर थाने में आयोजित एक कार्यक्रम में सभी फोन उनके असली मालिकों को वापस कर दिए गए।

जांच में सामने आया कि यह गिरोह सर्दियों के दौरान भीड़भाड़ वाले बाजारों को निशाना बनाता था। आरोपी अपने हाथ की हरकत छिपाने के लिए पॉलीथीन की शीट का इस्तेमाल करते थे और बड़ी सफाई से लोगों की जैकेट या कोट की जेब से फोन निकाल लेते थे। चोरी के तुरंत बाद फोन बिचौलियों के माध्यम से नेपाल और बांग्लादेश भेज दिए जाते थे ताकि पुलिस की पकड़ से बचा जा सके।

गिरफ्तार आरोपी अभिषेक कुमार उर्फ शुभम झारखंड के राजमहल का रहने वाला है और उस पर पहले से ही चोरी के 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस कार्रवाई से सरोजिनी नगर, हौज खास, राजेंद्र नगर और कृष्ण नगर सहित दिल्ली के विभिन्न थानों में दर्ज 9 ई-एफआईआर और 37 ‘लॉस्ट रिपोर्ट’ को सुलझा लिया गया है।

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