फर्जी नंबर प्लेट और स्पोर्ट्स बाइक से मोबाइल छीनने वाला गिरोह गिरफ्तार, 3 वारदातें सुलझीं

नई दिल्ली: उत्तरी दिल्ली के सिविल लाइंस थाना के मजनू का टीला पुलिस चौकी की टीम ने एक सप्ताह के कड़े संघर्ष और करीब 20 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद दो शातिर झपटमारों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी चोरी की स्पोर्ट्स बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन, नकदी और चोरी की यामाहा एमटी-15 बाइक बरामद की है।

उत्तरी जिले के डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि 11 जनवरी को डीटीयू के छात्र अतुल रंजन से लुडलो कैसल स्कूल के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने उनका सैमसंग एस-24 फोन झपट लिया था। इस संबंध में सिविल लाइंस थाने में बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी विकास कुमार मीणा के मार्गदर्शन और एसएचओ हनुमंत सिंह की देखरेख में चौकी प्रभारी एसआई नवीन सिंधु के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।

जांच के दौरान टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे करीब 100 सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। फुटेज में आरोपी यामाहा बाइक पर नजर आए, जिसका नंबर फर्जी निकला। पुलिस ने हार नहीं मानी और अगले 50 कैमरों की मदद से पीछा करते हुए लक्ष्मी नगर इलाके तक पहुंच गई। वहां पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया, लेकिन बदमाश पुलिस को चकमा देकर भागने लगे। पुलिस टीम ने हार न मानते हुए करीब 20 किलोमीटर तक उनका पीछा किया और अंततः 17 जनवरी की आधी रात को लक्ष्मी नगर में दोबारा घेराबंदी कर मोहम्मद असद (23) और मोहम्मद जीशान (19) को दबोच लिया।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी असद पहले ऑटो चलाता था, लेकिन नशे की लत ने उसे अपराध की दुनिया में धकेल दिया। उस पर पहले से ही चोरी और झपटमारी के 9 मामले दर्ज हैं। वहीं जीशान ने रईसी के शौक के लिए असद के साथ हाथ मिला लिया। आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने गिरफ्तारी से ठीक पहले एक ही रात में तीन अलग-अलग इलाकों—आईपी डिपो, विकास मार्ग और राजघाट के पास झपटमारी की थी। पुलिस अब इनके फरार साथी रामू की तलाश कर रही है, जो झपटे गए सामान को ठिकाने लगाता था।

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