जेएनयू में मोदी-शाह के खिलाफ भड़काऊ नारेबाजी के खिलाफ ABVP का विरोध प्रदर्शन, अराजक तत्वों का पुतला फूका

नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में हाल ही में हुई देशविरोधी और भड़काऊ नारेबाजी के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की जेएनयू इकाई ने मंगलवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अराजक तत्वों का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर कड़ा संदेश दिया और विश्वविद्यालय प्रशासन तथा दिल्ली पुलिस से दोषियों के खिलाफ त्वरित व कठोर कार्रवाई की मांग की।

घटना की शुरुआत 5 जनवरी की रात से हुई, जब जेएनयू छात्रसंघ (JNUSU) और वामपंथी संगठनों से जुड़े छात्रों ने साबरमती हॉस्टल के बाहर एक सभा आयोजित की। यह सभा 2020 की कैंपस हिंसा की बरसी और उमर खालिद-शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज होने के विरोध में थी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस तथा ABVP के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए गए, जिनमें ‘मोदी-शाह की कब्र खुदेगी, जेएनयू की धरती पर’ जैसे भड़काऊ शब्द शामिल थे।

इन नारों को देशविरोधी और हिंसा भड़काने वाला बताते हुए ABVP ने 7 जनवरी को साबरमती लॉन के पास प्रदर्शन किया। सैकड़ों कार्यकर्ताओं और सामान्य छात्रों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान अराजक तत्वों का पुतला फूंका गया और नारे लगाए गए कि जेएनयू को हिंसा व अराजकता का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा।

ABVP जेएनयू अध्यक्ष मयंक पंचाल ने कहा, “प्रशासन आम छात्रों पर तुरंत जुर्माना लगाता है, लेकिन वामपंथी गुटों की हिंसा और देशविरोधी नारेबाजी पर चुप रहता है। यह दोहरा रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम त्वरित कार्रवाई चाहते हैं ताकि जेएनयू में अराजकता और राष्ट्रविरोधी सोच फिर न पनपे।”

इकाई मंत्री प्रवीण पीयूष ने जोड़ा, “विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस को बिना देरी के दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। जेएनयू छात्रहित, राष्ट्रहित और संविधान की रक्षा के लिए ABVP हर स्तर पर संघर्ष करेगी।”

जेएनयू प्रशासन ने पहले ही इस नारेबाजी पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस से FIR दर्ज करने की मांग की है और दोषी छात्रों को निलंबन या निष्कासन की चेतावनी दी है। मामले में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है, लेकिन ABVP का कहना है कि ऐसे कृत्य विश्वविद्यालय की गरिमा और राष्ट्र की एकता के खिलाफ हैं।

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