तुर्कमान गेट में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हाईकोर्ट के आदेश पर चला बुलडोजर, अतिक्रमण हटाने के दौरान पथराव, 5 पुलिसकर्मी घायल, 5 गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के निकट रामलीला मैदान की सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों को हटाने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने 7 जनवरी को तड़के बड़े पैमाने पर ध्वंस अभियान चलाया। यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में की गई। अभियान के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने न्यूनतम बल प्रयोग कर स्थिति नियंत्रित की और अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

कानूनी आधार और सर्वेक्षण के निष्कर्ष

यह पूरी कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट की याचिका में 12 नवंबर 2025 को पारित आदेश पर आधारित थी। हाईकोर्ट ने एमसीडी को निर्देश दिया था कि संयुक्त सर्वेक्षण रिपोर्ट में उल्लिखित अतिक्रमण और अवैध व्यावसायिक गतिविधियों को हटाने के लिए प्रभावित पक्षों को सुनवाई का अवसर देकर तीन महीने के अंदर कार्रवाई की जाए।

एमसीडी, भूमि एवं विकास कार्यालय (एलएंडडीओ) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के संयुक्त सर्वेक्षण में पाया गया कि रामलीला मैदान में लगभग 36,428 वर्ग फुट क्षेत्र पर बैंक्वेट हॉल, निजी डायग्नोस्टिक सेंटर सहित अन्य व्यावसायिक निर्माण और सड़क-फुटपाथ पर अतिक्रमण किया गया था। वर्ष 1940 में जारी पट्टा विलेख में केवल 0.195 एकड़ भूमि मस्जिद प्रबंधन को दी गई थी, जिसमें टिन शेड, चबूतरा, हुजरा और कब्रिस्तान शामिल थे। दिल्ली वक्फ बोर्ड या प्रबंध समिति सैयद फैज इलाही द्वारा इससे अधिक भूमि के स्वामित्व का कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।

प्रभावित पक्षों को 24 नवंबर 2025 और 16 दिसंबर 2025 को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया, जिसमें प्रबंध समिति मस्जिद सैयद फैज इलाही, दिल्ली वक्फ बोर्ड, डीडीए, एलएंडडीओ और राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। सुनवाई के बाद एमसीडी ने 22 दिसंबर 2025 को अतिक्रमण हटाने का आदेश पारित किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मस्जिद, दरगाह और कब्रिस्तान को हाथ नहीं लगाया गया, केवल पट्टे से अधिक की अवैध संरचनाओं को ध्वस्त किया गया।

आधी रात का अभियान और सुरक्षा व्यवस्था

अभियान को दिन के बजाय रात करीब 1 बजे शुरू किया गया ताकि यातायात और जनजीवन प्रभावित न हो। इसमें 30 से अधिक बुलडोजर लगाए गए। दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए। पूरे क्षेत्र को नौ जोनों में बांटा गया, प्रत्येक जोन की निगरानी अतिरिक्त डीसीपी रैंक के अधिकारी कर रहे थे। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त बल तैनात किया गया।

अभियान से पूर्व अमन कमेटी के सदस्यों और स्थानीय हितधारकों से कई समन्वय बैठकें की गईं ताकि शांति बनी रहे और कोई अप्रिय घटना न हो। सभी संभव निवारक और विश्वास बहाली के उपाय किए गए। दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त (मध्य रेंज) माधुर वर्मा ने कहा कि पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए न्यायिक निर्देशों का पेशेवर और संवेदनशील तरीके से पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है।

पथराव और पुलिस कार्रवाई

माधुर वर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान कुछ शरारती तत्वों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। लगभग 30-35 लोगों की भीड़ ने नारे लगाए और अराजकता फैलाने का प्रयास किया। पथराव से पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने संयम बरतते हुए न्यूनतम और मापा हुआ बल प्रयोग किया, आंसू गैस के गोले दागे और स्थिति को जल्द नियंत्रित कर लिया।

दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त ने कहा, “क्षेत्र को नौ जोनों में बांटा गया था, प्रत्येक जोन में अतिरिक्त डीसीपी रैंक के अधिकारी की निगरानी थी। अमन कमेटी के सदस्यों से कई बैठकें की गईं ताकि शांति बनी रहे।” पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है, जिसमें धारा 221/132/121/191(2)/191(3), 223(A)/3(5) बीएनएस और पीडीपीपी एक्ट-1984 की धाराएं लगाई गई हैं

पांच आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम हैं- काशिफ (2425 गली गुदियां, चांदनी महल), मोहम्मद कैफ (2425 गली गुदियां, चांदनी महल), मोहम्मद अरीब (1823 गली इलायची वाली, तुर्कमान गेट, चांदनी महल), अदनान (3549 मोहल्ला जटवाड़ा, दरियागंज) और समीर (2818 गली गुदियां, कूचा चालान, दरियागंज)। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने की अपील की गई है

राजनीतिक प्रतिक्रिया

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाना हर सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने पथराव और धार्मिक उन्माद फैलाने की निंदा की और उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यह लंबी कानूनी लड़ाई का परिणाम है और हाईकोर्ट ने अपील भी खारिज कर दी थी। पुलिस की धैर्यपूर्ण कार्रवाई की सराहना करते हुए उन्होंने अपील की कि भड़काने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।

 वर्तमान स्थिति

अभियान पूरा होने के बाद मलबा हटाने का काम जारी है। इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) तैनात है और कुछ सड़कें सील हैं। यातायात पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों की सलाह दी है। पुलिस और एमसीडी ने शांति की अपील की है तथा फेक न्यूज से बचने को कहा है। यह घटना दिल्ली में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ चल रही मुहिम की एक कड़ी है, जो पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई। जांच जारी है और आगे कार्रवाई की उम्मीद है।

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