रोहिणी साइबर पुलिस ने सोशल मीडिया पर दोस्ती कर ठगी करने वाली नाइजीरियाई महिला को दबोचा, फर्जी सिम और कई मोबाइल बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के रोहिणी जिला की साइबर थाना टीम ने सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती कर ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में ग्रेटर नोएडा से एक नाइजीरियाई महिला को गिरफ्तार किया है, जो फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को अपना शिकार बनाती थी। पकड़ी गई आरोपी की पहचान ओसाजुवा प्रॉमिस (32 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने इसके कब्जे से सात मोबाइल फोन और नौ फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं।

रोहिणी जिले के डीसीपी शशांक जायसवाल ने बताया कि रोहिणी निवासी कपिल अग्रवाल ने ₹65,700 की ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि फरवरी 2026 में उसे फेसबुक पर ‘हैरी रॉबर्ट’ नाम के व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। दोस्ती होने के बाद आरोपी ने उसे बताया कि वह मुंबई एयरपोर्ट पहुँच गया है, लेकिन उसके पास 2 लाख अमेरिकी डॉलर होने के कारण कस्टम विभाग ने उसे रोक लिया है। इसके बाद पीड़ित को एक फर्जी ‘कस्टम अधिकारी’ का कॉल आया, जिसने सामान छुड़ाने के नाम पर टैक्स के रूप में पैसों की मांग की। झांसे में आकर पीड़ित ने कुल ₹65,700 ट्रांसफर कर दिए, लेकिन और पैसों की मांग होने पर उसे ठगी का अहसास हुआ।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी (ऑपरेशंस) ईश्वर सिंह के मार्गदर्शन और साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण चौहान के नेतृत्व में एसआई सुमित, हेड कांस्टेबल आशीष और प्रदीप की एक विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी सर्विलांस और डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर पुलिस ने आरोपी महिला की लोकेशन ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-37 में ट्रैक की और वहां छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

जांच में सामने आया कि ओसाजुवा प्रॉमिस करीब छह साल पहले टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थी और वीजा खत्म होने के बावजूद अवैध रूप से यहां रह रही थी। वह दूसरों के नाम पर जारी फर्जी सिम कार्ड और अलग-अलग आईएमईआई नंबर वाले फोन का इस्तेमाल कर ठगी करती थी। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि उसने अब तक और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और इस सिंडिकेट में उसके साथ और कौन-कौन शामिल हैं।

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