कंपनी के दो कर्मचारियों ने रची फर्जी चोरी की साजिश, पुलिस ने पकड़ा; 14.5 लाख नकद और बाइक बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के दक्षिण-पूर्व जिले की कालिंदी कुंज पुलिस और एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड की संयुक्त टीम ने एक प्राइवेट कंपनी के दो कर्मचारियों द्वारा रची गई फर्जी चोरी की साजिश का पर्दाफाश कर दिया। दोनों आरोपी कंपनी के 15 लाख रुपये हड़पने के लिए झूठी शिकायत दर्ज करा रहे थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया और 14.5 लाख रुपये नकद, कंपनी की मोटरसाइकिल तथा मोबाइल फोन बरामद कर लिया।

दक्षिण-पूर्व जिले के डीसीपी हेमंत तिवारी ने बताया कि 3 जनवरी को हुई, जब आरोपी रामू ने कालिंदी कुंज थाने में ई-एफआईआर दर्ज कराई कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रुकने के दौरान उसकी कंपनी मोटरसाइकिल चोरी हो गई। उसने दावा किया कि मोटरसाइकिल के हैंडल पर लटकी बैग में कंपनी के 15 लाख रुपये थे, जो भी चोरी हो गए।

कंपनी के अकाउंट मैनेजर विकाश शर्मा को जब यह बात पता चली तो उन्हें शक हुआ। कंपनी के दूसरे कर्मचारी अनुज (कुक) भी उसी दिन से गायब था और उसका फोन स्विच ऑफ था। विकाश ने जांच की तो रामू की कहानी में कई विरोधाभास सामने आए। इसके बाद 5 जनवरी को विकाश शर्मा ने कालिंदी कुंज थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें दोनों कर्मचारियों पर कंपनी की रकम हड़पने की साजिश का आरोप लगाया।

डीसीपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष कालिंदी कुंज और एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड इंस्पेक्टर विष्णु दत्त के नेतृत्व में दो विशेष टीमों का गठन किया गया। एसीपी सरिता विहार के पर्यवेक्षण में टीमों ने तकनीकी निगरानी, लोकल इंटेलिजेंस और फील्ड फॉलोअप से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। दोनों आरोपी पकड़े गए और पूछताछ में रामू ने कबूल लिया कि कोई चोरी नहीं हुई थी। उसने अनुज के साथ मिलकर यह साजिश रची थी ताकि कंपनी की रकम हड़प सकें। रामू के इशारे पर अनुज को भी दबोचा गया और सारी रकम व सामान बरामद कर लिया गया। दोनों पर कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

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