मालवीय नगर में 9 साल पुरानी दुश्मनी ने ली प्रॉपर्टी डीलर की जान, पिता-पुत्र गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के मालवीय नगर में विजय मंडल पार्क में एक प्रॉपर्टी डीलर की क्रूर हत्या के मामले में साउथ डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। 9 साल पुरानी दुश्मनी के चलते पिता-पुत्र की जोड़ी ने मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस ने 650 से अधिक CCTV फुटेज और तकनीकी निगरानी के जरिए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान वाल्मीकि मोहल्ला निवासी 47 वर्षीय खुशी राम और उनके नाबालिक बेटे के रूप में हुई हैं। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी बरामद की है।

दक्षिण जिले के डीसीपी अंकित चौहान ने बताया कि 26 सितंबर को मालवीय नगर के विजय मंडल पार्क में एक अज्ञात व्यक्ति की हत्या की सूचना मिली। बाद में मृतक की पहचान लाखपत सिंह (56), बेगमपुर, मालवीय नगर निवासी, के रूप में हुई। हमलावरों ने क्रिकेट बैट और देसी पिस्तौल से हमला कर उसकी हत्या की। घटनास्थल पर खून के धब्बे, टूटा हुआ क्रिकेट बैट का हैंडल और बैट बरामद हुआ। AIIMS अस्पताल में मृतक को मृत घोषित किया गया, जहां MLC में गोली के घाव सहित कई चोटें दर्ज की गईं। इस मामले में मालवीय नगर थाने में 103(1)/3(5) BNS और आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 के तहत मामला दर्ज किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी साउथ और एसीपी साकेत रितु राज के नेतृत्व में तीन टीमें गठित की गईं। इंस्पेक्टर उमेश यादव के नेतृत्व में AATS, इंस्पेक्टर विनय यादव के नेतृत्व में मालवीय नगर थाना और इंस्पेक्टर अनुराग तोमर के नेतृत्व में स्पेशल स्टाफ की टीम ने जांच की।

पुलिस ने 55 किमी के दायरे में 650 से अधिक CCTV फुटेज की जांच की। फुटेज में दो संदिग्ध एक काले रंग की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर बिना नंबर प्लेट के पार्क के बाहर दिखे, जो मृतक का पीछा कर पार्क में घुसे और हत्या को अंजाम दिया। दोनों ने अपने चेहरे ढके हुए थे।

जांच में पता चला कि मृतक लाखपत कटारिया उर्फ लक्खी का 2016 में खुशी राम नामक व्यक्ति से विवाद हुआ था। लाखपत और उसके साथियों ने खुशी राम पर हमला किया था, जिससे वह 9 महीने तक बिस्तर पर रहा। इस मामले में प्राथमिकी भी दर्ज हुई थी। इसके बाद दोनों पक्षों में गहरी दुश्मनी थी। पुलिस ने CDR विश्लेषण और CCTV फुटेज के आधार पर खुशी राम की संलिप्तता की पुष्टि की। तकनीकी निगरानी से एक नाबालिग को पकड़ा गया, जिसके बाद खुशी राम को भी गिरफ्तार किया गया।

डीसीपी ने बताया कि पूछताछ में खुशी राम ने खुलासा किया कि 2016 के हमले के बाद वह लाखपत से बदला लेना चाहता था। उसने अपने नाबालिग बेटे को इस साजिश में शामिल किया और हत्या की योजना बनाई। हत्या की तारीख को इसलिए चुना गया क्योंकि उसका बेटा अगले दिन 18 साल का होने वाला था, ताकि उसे जुवेनाइल कानून का फायदा मिल सके। खुशी राम ने देसी पिस्तौल का इंतजाम किया और बेटे को लाखपत की सुबह की सैर की रेकी करने को कहा। घटना वाले दिन, दोनों ने चेहरा ढककर बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल से पार्क पहुंचकर हत्या को अंजाम दिया। जांच अभी जारी है।

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