दिल्ली में अपराधियों पर पुलिस की सख्ती: स्नैचिंग, डकैती और सेंधमारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

नई दिल्ली: दिल्ली के बाहरी जिले में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाइयों का सिलसिला शुरू किया है। ऑटो चोरी, स्नैचिंग, डकैती और सेंधमारी के तीन अलग-अलग मामलों में पुलिस ने एक कुख्यात अपराधी और दो नाबालिगों को हिरासत में लिया है। बाहरी जिले के डीसीपी सचिन शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने इन कार्रवाइयों में अवैध हथियार, चोरी की मोटरसाइकिल, स्कूटी, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई है। कुल सात पुराने मामले सुलझाए गए हैं, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी जारी है।

कुख्यात स्नैचर अमनदीप धराया, 22 मामलों का रिकॉर्ड 

11 सितंबर को मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया में रेलवे रोड पर एक सनसनीखेज घटना हुई। एक महिला का बैग छीनने की कोशिश कर रहे 25 वर्षीय अमनदीप उर्फ अमनप्रीत उर्फ अमन को एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) के कॉन्स्टेबल प्रकाश ने मौके पर दबोच लिया। घटना के दौरान महिला सड़क पर गिर गई थी, लेकिन वह शिकायत दर्ज कराए बिना चली गई। पुलिस ने अमनदीप की तलाशी ली तो उसके पास से एक देसी पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस, दो चोरी के मोबाइल फोन (एक एप्पल आईफोन 16 और एक आईफोन 16 प्रो मैक्स), तीन चोरी की मोटरसाइकिल और दो स्कूटी बरामद हुईं।

पुलिस जांच में पता चला कि एक मोबाइल फोन विकासपुरी थाने में दर्ज ई-एफआईआर से जुड़ा है, जबकि दूसरे की जांच जारी है। बाइक और स्कूटी भी विभिन्न थानों में दर्ज चोरी के मामलों से जुड़ी हैं। अमनदीप का आपराधिक इतिहास चौंकाने वाला है—वह 22 स्नैचिंग के मामलों में पहले से शामिल रहा है और अप्रैल 2025 में सराय रोहिल्ला थाने के एक स्नैचिंग मामले में जेल से रिहा हुआ था। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि नशे की लत और अपनी प्रेमिका की मांगों को पूरा करने के लिए वह अपराध करता था। इस गिरफ्तारी से सात मामले सुलझ गए, जिनमें विकासपुरी, केशवपुरम, सुल्तानपुरी, निहाल विहार, बिंदापुर और साउथ रोहिणी के मामले शामिल हैं। पुलिस ने राज पार्क थाने में आर्म्स एक्ट के तहत अलग से मामला दर्ज किया है और अमनदीप के नेटवर्क की जांच कर रही है।

 चाकू के बल पर डकैती, नाबालिग गिरफ्त में  

पश्चिम विहार ईस्ट थाने को 14 सितंबर को दो पीसीआर कॉल मिलीं, जिसमें चाकू के बल पर डकैती और चोट पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं। इसके आधार पर दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं। इंस्पेक्टर राधेश्याम की अगुआई में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें एसआई राजेश, एएसआई ओमप्रकाश, एचसी मोहित, एचसी कुलदीप, एचसी सुनील और कॉन्स्टेबल तरुण शामिल थे। इस टीम ने पश्चिम विहार ईस्ट और वेस्ट में 40 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की जांच की। फेशियल रिकग्निशन सॉफ्टवेयर से कोई नतीजा नहीं मिला, लेकिन निहाल विहार में 20 और कैमरों की जांच और स्थानीय मुखबिरों की मदद से एक संदिग्ध की पहचान हुई।

16 सितंबर को डिस्ट्रिक्ट पार्क में छापेमारी कर एक नाबालिग को पकड़ा गया। उसकी तलाशी में अपराध में इस्तेमाल चाकू बरामद हुआ। पूछताछ में नाबालिग ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर डकैती करने की बात कबूली। पुलिस के मुताबिक, ये अपराधी कमजोर लोगों को निशाना बनाते थे। फरार साथियों की तलाश और चोरी का सामान बरामद करने के लिए जांच जारी है।

 दुकानों में सेंधमारी, 5400 रुपये के साथ नाबालिग पकड़ा

निहाल विहार में पिछले दस दिनों में कुंवर सिंह नगर, शिव विहार और चंदर विहार में दुकानों के शटर तोड़कर चोरी की तीन वारदातें सामने आईं। इनमें नकदी और खाने-पीने की चीजें चोरी हुईं। इसके आधार पर तीन एफआईआर दर्ज की गईं। इंस्पेक्टर शिश पाल की अगुआई में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें हेड कॉन्स्टेबल जगपाल, जयप्रकाश और कॉन्स्टेबल महेंद्र शामिल थे।

टीम ने तीनों घटनास्थलों और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की, जिसमें चार संदिग्ध दिखाई दिए। 15 सितंबर को शुक्र बाजार रोड पर एक संदिग्ध के होने की गुप्त सूचना मिली। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और एक नाबालिग को हिरासत में लिया। उसकी तलाशी में 5400 रुपये की चोरी की नकदी बरामद हुई। पूछताछ में नाबालिग ने अपने तीन साथियों के साथ सेंधमारी करने की बात कबूली। बाकी संदिग्ध फरार हैं, जिनकी तलाश में छापेमारी चल रही है।

बाहरी जिले के डीसीपी सचिन शर्मा ने अपराध नियंत्रण के लिए सक्रिय पुलिसिंग पर जोर दिया है। स्थानीय मुखबिरों का नेटवर्क मजबूत करने के साथ-साथ सीसीटीवी, फेशियल रिकग्निशन सॉफ्टवेयर और मानव खुफिया जानकारी का उपयोग किया जा रहा है। डीसीपी ने कहा, “हमारा लक्ष्य अपराध पर लगाम लगाना और नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाना है।” इन कार्रवाइयों से न केवल अपराधी पकड़े गए, बल्कि सात पुराने मामले भी सुलझाए गए।

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