कालकाजी में जुए के अड्डे पर पुलिस का छापा, 20 गिरफ्तार, 3.85 लाख रुपये नकद और 27 मोबाइल जब्त

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के कालकाजी इलाके में सट्टेबाजी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस की स्पेशल स्टाफ ने मंगलवार को देर रात एक घर पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में 20 सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें रैकेट का मास्टरमाइंड अमित (44) भी शामिल है। पुलिस ने मौके से 3,84,950 रुपये नकद, 27 मोबाइल फोन और 20 ताश के पैकेट बरामद किए।

दक्षिण-पूर्व जिला के डीसीपी हेमंत तिवारी ने बताया कि पुलिस की स्पेशल स्टाफ को मंगलवार को गुप्त सूचना मिली कि कालकाजी के रविदास मार्ग पर सर्विस रोड के एक मकान की तीसरी मंजिल पर बड़े पैमाने पर सट्टेबाजी का खेल चल रहा है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई। एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें सब-इंस्पेक्टर शुभम चौधरी, मुनीश, महेश, विनोद, राजवीर, सहायक उप-निरीक्षक अनिल, हेड कांस्टेबल भारत, महेंद्र, परवेश, दीप्राम, विवेक, और कांस्टेबल सतवीर, छोटूराम, आकाश और मुकेश शामिल थे। इस टीम की अगुआई इंस्पेक्टर राजेंद्र डागर ने और पूरे ऑपरेशन की निगरानी एसीपी (ऑपरेशंस) दलीप सिंह ने की।

सूचना की पुष्टि करने के बाद पुलिस की टीम ने देर रात मकान पर छापा मारा। वहां मौके पर 20 लोग ताश के पत्तों के साथ जुआ खेलते पाए गए। पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया और तलाशी के दौरान 3,84,950 रुपये नकद, 27 मोबाइल फोन और 20 ताश के पैकेट बरामद किए। रैकेट के सरगना अमित, जो खानपुर का रहने वाला है और इंटरनेट केबलिंग का काम करता है, को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कालकाजी थाने में जुआ अधिनियम की धारा 4/9/55 और बीएनएस की धारा 112 के तहत मामला दर्ज किया।

गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह हाल ही में इस स्थान पर सक्रिय हुआ था। उनका मकसद ताश के खेल के जरिए मोटी रकम कमाना था। जुआरियों ने बताया कि वे बड़ी रकम दांव पर लगाकर यह खेल खेल रहे थे। पुलिस के अनुसार, यह रैकेट संगठित तरीके से काम कर रहा था, और अमित इसका मुख्य संचालक था।

डीसीपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तराखंड के चमोली जिले का रहने वाला 25 वर्षीय जिम ट्रेनर प्रकाश सिंह; मदानगीर, दिल्ली का 38 वर्षीय टैक्सी ड्राइवर संतोष कुमार; कल्याणपुरी, दिल्ली का 53 वर्षीय ज्वेलरी शॉप सेल्समैन लाला राम; दक्षिणपुरी, दिल्ली का 38 वर्षीय फल विक्रेता सचिन; देवली गांव, दिल्ली का 31 वर्षीय स्ट्रीट वेंडर रिंकी; गोविंदपुरी, दिल्ली का 33 वर्षीय कार डीलर अकरम; संगम विहार, दिल्ली का 44 वर्षीय नीरज कुमार, कोई पेशा नहीं; श्रीनिवासपुरी, दिल्ली का 53 वर्षीय टैक्सी ड्राइवर अनिल कुमार; मुनीरका, दिल्ली का 42 वर्षीय जिम ट्रेनर अमित कुमार; संगम विहार, दिल्ली का 35 वर्षीय वेल्डर अल्ताफ; संगम विहार, दिल्ली का 29 वर्षीय कुली मनोज; आरके पुरम, दिल्ली का 30 वर्षीय टैक्सी ड्राइवर अजीत; दक्षिणपुरी, दिल्ली का 32 वर्षीय कार सर्विस सेंटर हेल्पर आशीष; देवली गांव, दिल्ली का 32 वर्षीय अरुण कुमार, नोएडा में 3डी स्कैनिंग कंपनी में कार्यरत; तुगलकाबाद गांव, दिल्ली का 29 वर्षीय हाउसकीपर विनोद; संगम विहार, दिल्ली का 35 वर्षीय नमकीन सप्लायर अरविंद कुमार; खानपुर, दिल्ली का 44 वर्षीय इंटरनेट केबलिंग कार्यकर्ता और रैकेट का सरगना अमित; शकरपुर, दिल्ली का 36 वर्षीय दर्जी संतोष; वसंत कुंज, दिल्ली का 38 वर्षीय ड्राइवर जय भगवान; गोविंदपुरी, दिल्ली का 52 वर्षीय सब्जी विक्रेता संजय के रूप में हुई हैं। पुलिस जांच में किसी का भी पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।

डीसीपी हेमंत तिवारी ने कहा, “यह कार्रवाई अवैध गतिविधियों के खिलाफ हमारी सख्त नीति का हिस्सा है। हमारी टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं, और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी। सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। मामला दर्ज होने के बाद कोर्ट में पेशी की तैयारी की जा रही है।

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