पंजाब : नई सरकार में भी खटपट के बादल छाये, डिप्टी सीएम ओपी सोनी ने मांगी मुख्यमंत्री को मिलने वाली सुविधाएँ

कैप्टन अमरिंदर सिंह को दरकिनार कर कांग्रेस के विरोधी खेमे द्वारा गठित पंजाब सरकार में भी खटपट के आसार बढ़ गए हैं। नई सरकार के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी जहां सादा जीवन-उच्च विचार का प्रचार कर रहे हैं, वहीं उनके उपमुख्यमंत्री ओपी सोनी की इच्छाएं हिलोरे लेने लगी हैं। सोनी ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि उनके सरकारी आवास और दफ्तर में मुख्यमंत्री के समान सेवाएं मुहैया करवाई जाएं।

सोनी ने अपनी मांग ऐसे समय में की है, जब उनके मुख्यमंत्री विभिन्न जिलों के कार्यक्रम में जाकर खुद को आम आदमी बताकर जनता के पैसों के गैरजरूरी उपयोग को रोकने का वादा कर रहे हैं। गुरुवार को ही मुख्यमंत्री ने कपूरथला में अपनी सुरक्षा में तैनात एक हजार जवान और करोड़ों रुपये की लग्जरी कारों पर सवाल उठाते हुए इन्हें अनावश्यक करार दिया था।

उल्लेखनीय है कि मुख्य सचिव को भेजा गया यह पत्र अब अनुमति के लिए मुख्यमंत्री के पास ही जाएगा। इस पत्र पर क्या फैसला होगा, इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता लेकिन अगर सोनी को मुख्यमंत्री की स्तर की सेवाएं प्रदान की गईं तो चुनावी सीजन में कांग्रेस को विपक्ष के हमलों का सामना करना पड़ेगा।

भट्ठल व बादल का दिया हवाला  

सोनी ने अपने पत्र में लिखा है कि पंजाब कैबिनेट के दोबारा गठन के बाद मुख्यमंत्री द्वारा उन्हें (ओपी सोनी) उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। उन्होंने अपना कार्यभार संभाल लिया है। राज्य के अतिथि विभाग द्वारा इससे पहले राजिंदर कौर भट्ठल और सुखबीर सिंह बादल को बतौर उपमुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री के स्तर के अनुसार सेवाएं मुहैया कराई गई थीं, जिनमें मेहमानों और मीडिया के लिए उनकी रिहायश और दफ्तर दोनों में समान रूप से सुविधाएं मुहैया कराना शामिल है। इस आधार पर नए उपमुख्यमंत्री के आवास और आफिस में मुख्यमंत्री स्तर की सेवाएं मुहैया कराई जाएं।

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