संसद में स्वाति मालिवाल का हुंकार: “बुजुर्गों की पेंशन और रेल यात्रा छूट बहाल करे सरकार”

नई दिल्ली: राज्यसभा सांसद स्वाति मालिवाल ने आज उच्च सदन में देश के करोड़ों बुजुर्गों की दयनीय स्थिति का मुद्दा बेहद प्रखरता से उठाया। विशेष उल्लेख के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि देश भर के वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक समान न्यूनतम पेंशन लागू की जाए और कोरोना काल से बंद पड़ी रेलवे व हवाई यात्रा में मिलने वाली छूट को तत्काल बहाल किया जाए।

सांसद मालिवाल ने भावुक होते हुए कहा, “देश का भविष्य भले ही युवा लिखते हों, लेकिन इसकी नींव हमारे बुजुर्ग हैं।” उन्होंने इस बात पर गहरा दुख जताया कि जिन माता-पिता ने अपनी पूरी जमापूंजी बच्चों की खुशहाली पर न्योछावर कर दी, आज बुढ़ापे में वे खुद आर्थिक असुरक्षा और अकेलेपन की मार झेल रहे हैं।

संसद में आंकड़े पेश करते हुए स्वाति मालिवाल ने बताया कि देश के लगभग 20 प्रतिशत बुजुर्गों के पास आय का कोई नियमित स्रोत नहीं है। वृद्धावस्था पेंशन ही उनके लिए दवा और रोटी का एकमात्र सहारा है। उन्होंने राज्यों के बीच पेंशन राशि के भारी अंतर पर सवाल उठाते हुए कहा कि कहीं बुजुर्गों को ₹4000 मिल रहे हैं तो कहीं मात्र ₹250। उन्होंने मांग की कि देशभर में महंगाई दर के हिसाब से एक समान न्यूनतम पेंशन लागू होनी चाहिए ताकि हर बुजुर्ग गरिमा के साथ जी सके।

दिल्ली का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि पिछले 10 सालों में हजारों बुजुर्गों की पेंशन की फाइलें दबी पड़ी हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “विज्ञापनों और प्रचार पर हजारों करोड़ खर्च करने के लिए पैसे हैं, लेकिन जब बुजुर्गों की पेंशन की बात आती है तो खजाना खाली बता दिया जाता है।”

इसके साथ ही उन्होंने रेलवे में वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली 50 फीसदी छूट को फिर से शुरू करने की जोरदार वकालत की। उन्होंने कहा कि रिटायरमेंट के बाद तीर्थयात्रा और घूमना बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, जिसे सरकार को रोकना नहीं चाहिए। उन्होंने अंत में कहा कि इन कदमों से सरकार को करोड़ों बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा।

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